बिहार विधानसभा ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक सौ इकसठ अरब चौंतीस करोड़ रुपये से अधिक की बजट अनुदान ध्वनिमत से पारित कर दीं। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए राज्य में कोरोना के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा उठाए गए कदमों की चर्चा की। उन्होने  मुंगेर और मोतीहारी में दो मेडिकल कालेज और 150-150 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना किए जाने की घोषणा की। 

इसके साथ बिहार के सभी राशन कार्डधारी परिवारों का प्रति वर्ष पांच लाख तक का मुफ्त इलाज होगा। फिलहाल राज्य के साढ़े पांच करोड़ लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। अब बिहार सरकार अपनी राशि से इसका लाभ चार करोड़ और लोगों को देगी। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य के लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह एक और बहुत बड़ा तोहफा दिया है।

अप्रैल में शुरू हो रहे वित्तीय वर्ष 2022-23 से यह सुविधा मिलने लगेगी। स्वास्थ्य विभाग के 2022-23 के आय-व्यय पर विधानसभा में हुए वाद-विवाद के बाद स्वास्थ्य मंत्री अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य के एक करोड़ नौ लाख परिवार के सदस्यों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष पांच लाख तक की चिकित्सा सुविधा मुफ्त में उपलब्ध करायी जाती है। इन लाभार्थियों की सूची में राज्य के 85 लाख राशन कार्डधारी परिवार बाहर थे, जिन्हें आयुष्मान योजना की तर्ज पर ही चिकित्सा सुविधा राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी।