इस बात में कोई दोमत नहीं है कि अब हर गुजरते वक्त के साथ देश दुनिया में कोरोना के मामले लगातार कम होते जा रहे हैं, लेकिन सरकार अब किसी भी स्तर पर कोई भी लापरवाही बरतने की स्थिति में नजर नहीं आ रही है। जिसको ध्यान में रखते हुए डीजीसीआई ने कोरोना के खिलाफ अपनी लड़ाई को धार देते हुए कॉर्बेवैक्स को मंजूरी दे दी है। इस कॉर्बेवैक्स को 12 से 18 साल के बच्चों को लगाई जाएगी। केंद्र सरकार की तरफ से बड़े पैमाने पर इसकी खरीद करने की तैयारी की जा चुकी है। सरकार ने बच्चों में वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाने के लिए इसकी 30 करोड़ खुराक खरीदने का निर्देश दिया है। इससे पहले विगत वर्ष अगस्त माह में भी वैक्सीन के खरीदने के निर्देश दिए जा चुके थे।

यही नहीं, विगत वर्ष हैदराबाद की कंपनी ने इसे वैक्सीन को खरीदने के लिए सरकार को अग्रिम भुगतान भी किया था। 14 फरवरी को ही भारतीय दवा नियंत्रक (DCGI) ने 12 से 18 साल तक के बच्चों के लिए कॉर्बेवैक्स टीके के आपात इस्तेमाल की इजाजत दी थी। इस वैक्सीन के संदर्भ में यह भी बताया गया था कि यह लोगों के बीच में हज 145 रूपए में उपलब्ध होगी। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस वैक्सीन के संदर्भ में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया है कि यह भारत की पहली आरबीडी प्रोटिन युक्त वैक्सीन होगी, जो कि मरीजों के बीच लोगों के बीच काफी प्रभावी साबित होने जा रही है। यह भारत बॉयटेक के बाद कोवैक्सीन की दूसरी वैक्सीन है। इसे 18 साल से क्रम उम्र के लोगों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।

बता दें कि डीजीसीआई यह वैक्सीन ऐसे वक्त में लेकर आई है, जब देश दुनिया में लगातार कोरोना के मामले कम होते जा रहे हैं, लेकिन बीते दिनों जिस तरह कोरोना ने अपनी बहुरंगी फितरत से पूरी दुनिया में हाहाकार मचाया है, उसे देखते हुए डीजीसीआई का यह कदम काफी उपयोगी माना जा रहा है। अब ऐसी स्थिति में डीजीसीआई की इस पहल आपका क्या कुछ कहना है। आप हमें कमेंट कर बताना मत भूलिएगा।