सफलता सुविधाओं की मोहताज नहीं होती, मध्य प्रदेश के छोटे से शहर अलीराजपुर की रहने वाली राधिका गुप्ता ने इसे साबित करके दिखाया है। राधिका एक ऐसे जिले से ताल्लुक रखती हैं जहां बहुत ही कम लोग शिक्षा हासिल कर पाते हैं लेकिन अपने मजबूत इरादे और सपनों को साकार करने की चाह ने उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षा में टॉपर बना दिया.

बताते चलें कि राधिका के पिता एक किराने की दुकान चलाते हैं। राधिका से पहले उनके परिवार में किसी ने भी सिविल सर्विसेज में जाने के बारे में सोचा तक नहीं। ऐसे में अपने सपनों को साकार करना भी किसी सपनें से कम नहीं होता है. राधिका की कहानी ऐसे युवाओं के लिए प्रेरणा हो सकती है जो मुश्किल हालतों और सुविधाओं की कमी का हवाला देकर अपने सपनों को साकार नहीं कर पाते हैं. आइए जानते हैं देश की सबसे कठिन परीक्षा में उन्होंने कैसे सफलता हासिल कर ली.

जीवन में शिक्षा है बेहद महत्वपूर्ण

इंजीनियरिंग से स्नातक करने वाली राधिका बताती हैं कि वो एक ऐसे जिले से आती हैं, जहां की साक्षरता दर तकरीबन 36.10 फीसदी है और यही उनके लिए सबसे बड़ा प्रेरणा स्रोत भी है। भारत के सबसे कम शिक्षित जिले में रहकर उन्हें समझ आया कि शिक्षा किसी के जीवन में कितनी बड़ी भूमिका निभाती है, इसलिए उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की।

राधिका बताती हैं कि पहली बार में रैंक कम होने के कारण उन्हें UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भारतीय रेलवे अलॉट हुआ था, लेकिन उन्हें अपने समाज के लिए कुछ बेहतर काम करना था, इसलिए हिम्मत न हारते हुए उन्होंने दोबारा कोशिश की और सफल होकर दिखाया।

सिलेक्शन नहीं हुआ तो आगे क्या होगा?

UPSC की तैयारी कर रहे हर अभ्यर्थी की तरह राधिका के मन में भी ये सवाल था, अगर सिलेक्शन नहीं हुआ तो आगे क्या होगा? राधिका के मुताबिक, ऐसे हालात में हम खुद पर शक करने लगते हैं और स्ट्रेस में आने लगते हैं। इस परिस्थिति में हमें हमारी हॉबी को फॉलो करना चाहिए।क्योंकि उन्हें स्पोर्ट्स बहुत पसंद है, तो उन्होंने टेबल टेनिस को जरिया बनाया और आगे बढ़ती चली गईं।

चरणबद्ध तरीके से की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी

राधिका बताती है कि उन्होंने सबसे पहले UPSC की परीक्षा के पैटर्न को समझा। जिसके बाद उन्होंने सिलेबस पूरा करने के लिए एक टाइम टेबल तैयार किया और उसी को फॉलो करते हुए पढ़ाई की। राधिका का कहना है अक्सर लोगों को ये भ्रम होता है कि UPSC में सिलेक्शन के लिए 10-12 घंटे पढ़ाई करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है, हर दिन 8-10 घंटे की पढ़ाई भी काफी है। साथ ही तैयारी के लिए बड़े शहरों और कोचिंग की तरफ भागने की जरूरत नहीं है, परीक्षा पास करने के लिए सिर्फ लगन और मेहनत की आवश्यकता है।