कामयाबी उसको ही मिली जिसने अपना काम किया ईमानदारी से। चीजें देरी से हुए लेकिन बेहतर हुई। तमाम दिक्कतें भी आई पर सवेरा जरूर आता है। मुसीबतों की काला घटा चली जाती है। तमिलनाडु के रहने वाले एक शख्स ने ऐसी ही मिसाल पेश की है। इनका नाम अरविंद पेरुमल (Aravind Perumal) है। वो पहले किसान थे। परिवार का गुजारा करने के लिए वो खेतों में काम किया करते थे। इसके बाद उन्होंने मेहनत कर पुलिस की नौकरी ली। तिरुनेलवेली जिले के सुत्तमल्ली पुलिस स्टेशन (Suththamalli police station) में 12 वर्षों तक कांस्टेबल से काम कर रहे थे। लेकिन इस दौरान भी वो रुके नहीं बल्कि मेहनत करते रहे, पढ़ते रहे।

मजबूरियों के कारण नहीं कर पाए थे रिसर्च

बता दें कि मलैयालामेडु के रहने वाले 34 वर्षीय अरविंद पेरुमल साल 2011 में तमिलनाडु पुलिस में भर्ती हुए थे। इकोनोमिक्स में उनके पास पीजी डिग्री थी। वो बचपने से ही शिक्षक बनना चाहाते थे, लेकिन आर्थिक दिक्कतें होने के कारण उन्हें अपना सपना छोड़ना पड़ा और वो तमिलनाडु पुलिस में भर्ती हो गए। पर उन्होंने अपने सपनों को मरने नहीं दिया। बल्कि पुलिस ज्वाइन करने के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करने की कोशिश जारी रखी।

साल 2014 में शुरू कर दी थी फिर से पढ़ाई

अरविंद ने बताया कि इसके लिए पहले उन्होंने डिपार्टमेंट से अनुमति ली। 2014 में उन्होंने रिसर्च करना शुरू कर दी थी। उन्होंने मनोनमनियम सुंदरनार विश्वविद्यालय (Manonmaniam Sundaranar University) से इकोनोमिक्स में पीएचडी की।

अब बन गए हैं प्रोफेसर

अरविंद अब एस.टी. हिंदू कॉलेज, नागरकोइल के असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनका सपना पूरा हो गया। 12 वर्षों तक उन्होंने पुलिस में नौकरी की लेकिन अपने ख्वाब के साथ समझौता नहीं किया। अरविंद की कहानी जानकर पुलिस विभाग के लोग भी काफी खुश हैं। वो भी अपने साथी की सफलता में दिल से खुश हुए। यहां तक कि पुलिस स्टेशन में पार्टी भी दी गई। एसपी पी सर्वानन (P. Saravanan) ने उन्हें हरसंभव मदद दी थी। बता दें कि उनकी पत्नी ए पेटीअम्मल (A. Petchiammal) भी इकोनोमिक्स की प्रोफेसर हैं।