पटना के जय प्रकाश नारायण एयरपोर्ट समेत राज्य के अन्य एयरपोर्ट के संबंध में जमीन अधिग्रहण व अन्य मुद्दों के मामले में पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य को जवाब देने का निर्देश दिया गया है. गौरव सिंह समेत अन्य की जनहित याचिकाओं पर चीफ जस्टिस संजय करोल की डिवीजन बेंच ने सुनवाई की.

राज्य में पटना के जयप्रकाश नारायण अन्तर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के अलावा गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, फारबिसगंज, मुंगेर और रक्सौल एयरपोर्ट हैं. लेकिन इन एयरपोर्ट पर बहुत सारी आधुनिक सुविधाओं के अभाव है व सुरक्षा की भी समस्या है. कोर्ट ने पूर्णिया व गया एयरपोर्ट से संबंधित सभी जमीन अधिग्रहण के मुकदमों की सूची अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया.

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सुमित कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट ने दो दिनों के भीतर गया एयरपोर्ट के संबंध में जमीन अधिग्रहण को लेकर लंबित मुकदमों का चार्ट देने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने पूर्णिया एयरपोर्ट के संबंध में पटना हाई कोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमों को सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. राज्य के कई एयरपोर्ट कार्यरत नहीं है, जबकि पटना एयरपोर्ट के विस्तार के लिए बिहार सरकार से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया भूमि की मांग कर रहा है, लेकिन जगह नहीं मिल रही है.

गया एयरपोर्ट के लिए भी 26 एकड़ जमीन ही दिया गया. बाकी जमीन अभी तक नहीं दी गई. जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के तहत बिहार सरकार ने लगभग 260 करोड़ रुपये के लिए अपील दायर कर रखा है. इस कारण न तो मुआवजा मिला है और न जमीन अधिग्रहण पूरा हुआ है. बिहार में बिहटा का एयरपोर्ट, पूर्णिया एयरपोर्ट और सबेया एयरपोर्ट सिर्फ सेना के इस्तेमाल के लिए है.

भागलपुर एयरपोर्ट, जोगबनी स्थित फारबिसगंज एयरपोर्ट, मुंगेर एयरपोर्ट और रक्सौल एयरपोर्ट बंद पड़े हुए हैं. बिहार में सिर्फ दो ही अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट गया और पटना में हैं. गया एयरपोर्ट राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है, जहां से मुख्यतः बौद्ध देशों जैसे श्रीलंका व कंबोडिया आदि के लिए फ्लाइट चलाई जाती है. इस मामले पर अगली सुनवाई अब 9 मार्च, 2022 को की जाएगी।