दिल्ली के जहांगीरपुरी में हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान भड़की हिंसा के करीब 2 हफ्ते बाद रविवार 24 मार्च को एक अलग तस्वीर देखने को मिली। रविवार शाम छह बजे भाईचारा और एकता का संदेश देते हुए हिंदू मुस्लिम दोनों समुदायों की ओर से जहांगीरपुरी इलाके में तिरंगा यात्रा निकाली गई. इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर यह यात्रा निकाली और भारत माता की जय के नारे लगाए।

गले मिलते आए नजर

रविवार शाम को जहांगीरपुरी इलाके में निकाली गई इस तिरंगा यात्रा के दौरान दोनों समुदाय के लोग एक साथ गले मिलते हुए नजर आए। इतना ही नहीं एक साथ भारत माता की जय करते हुए एक दूसरे के बीच एकता का संदेश दिया। इसके अलावा तिरंगा यात्रा के दौरान स्थानीय लोगों द्वारा अपनी छतों से फूल भी बरसाए गए. दरअसल इलाके में भाईचारा और शांति का संदेश देने के लिए दोनों समुदायों ने यह तिरंगा यात्रा निकाली, जिसकी इजाजत पुलिस प्रशासन की ओर से दी गई थी और कड़ी सुरक्षा के बीच में यह तिरंगा यात्रा निकाली गई। दोनों समुदाय के लोग जहांगीरपुरी इलाके की उसी सड़क पर हाथों में तिरंगा झंडा लेते हुए नजर आए, जहां पर 16 मार्च यानी हनुमान जयंती के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा के दौरान हिंसा भड़की थी।

यहां-यहां से निकली तिरंगा यात्रा

स्थानीय अमन कमेटी की ओर से एक दिन पहले 23 मार्च को तिरंगा यात्रा के लिए पुलिस प्रशासन से अनुमति लेने के लिए पत्र लिखा गया था, जिसमें कहा गया जहांगीरपुरी के बीसी और जी ब्लॉक में तिरंगा यात्रा निकालने की अनुमति दी जाए, जिससे कि इलाके में भय का माहौल खत्म हो और लोग आपस में भाईचारा और शांति से रहे और लोगों के बीच में जो डर का माहौल बना हुआ है, उसे खत्म किया जा सके। यह तिरंगा यात्रा जहांगीरपुरी के कुशल चौक से सी ब्लॉक, सरगम इलेक्ट्रॉनिक्स से होते हुए बीसी ब्लॉक के पुलिस बूथ के सामने से होते हुए काली मंदिर, मस्जिद, जी ब्लॉक, धोबी घाट, आजाद चौक तक निकाली गई।

सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम

वहीं इसको लेकर नॉर्थ-वेस्ट जिले की डीसीपी उषा रंगनानी ने बताया कि इलाके में हनुमान जयंती के मौके पर हुई हिंसा के बाद दोनों समुदायों के बीच शांति कायम करने के लिए एक संयुक्त शांति समिति का गठन किया गया, जिसके बाद उन्होंने तिरंगा यात्रा आयोजित करने और लोगों के बीच में सद्भावना बनाए रखने की अपील की। वहीं इस तिरंगा यात्रा के दौरान पुलिस और सुरक्षाकर्मियों की कड़ी निगरानी देखने को मिली 16 मार्च को हुई घटना के बाद इलाके में अभी भी कड़ी सुरक्षा पुलिस प्रशासन की ओर से रखी गई है। इलाके में ड्रोन की सहायता से नजर रखी गई। इसके साथ ही पूरे इलाके में पुलिस गश्त भी दे रही है जिससे कि दोबारा से कोई भी अप्रिय घटना को अंजाम ना दिया जा सके।