गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है. गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के साथ देवगुरु बृहस्पति देव को भी समर्पित होता है. किसी भी जातक की कुंडली में गुरु के कमजोर होने पर उसे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. इतना ही नहीं, कई बार व्यक्ति की तरक्की में बाधाएं आती हैं, शादी में रुकावटों का सामना करना पड़ता है या फिर व्यापार में हानि आ रही हो तो गुरुवार के दिन कुछ उपायों को करने से कुंडली में गुरु के अशुभ प्रभावों को दूर किया जा सकता है. 

गुरुवार के दिन कर लें ये काम

– ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार की पूजा क रने से पहले नहाने के पानी में एक चुटकी हल्दी पाउडर डालकर स्नान करें उसके बाद ही पूजा में बैठें. ऐसा करने से व्यक्ति का मन एकाग्र होता है और शरीर को रोगों से मुक्ति मिलती है. 

– मान्यता है कि भगवान विष्णु को केले का पेड़ बेहद प्रिय है इसलिए केले के पेड़ के पास बैठकर ही पूजा करें. साथ ही, केले के पेड़ के सामने घी का दीपक जलाने से लाभ होता है. 

– ज्योतिषीयों का कहना है कि पीतांबर धारी भगवान विष्णु को पीला रंग अति प्रिय है. इसलिए नहाने के बाद पूजा में बैठते समय पीले रंग के कपड़े ही पहनें. पीले फूलों को अर्पित करें. 

– इस दिन एकाग्र मन से ऊं बृ बृहस्पत्ये नमः का जाप कम से कम 108 माला करें. 

गुरुवार के दिन पूजा के फायदे

– गुरुवार के दिन पूजा करने से व्यक्ति की कुंडली के दोष खत्म होते हैं.

– मान्यता है कि इस दिन पूजा करने वाले व्यक्ति के जीवन में पैसों की तंगी नहीं रहती. साथ ही, हर तरह की पैसों की समस्या से छुटकारा मिलता है. 

– माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास भर जाता है. साथ ही उसकी उन्नति के रास्ते खुलते हैं. 

– ऐसा भी माना जाता है कि किसी भी जातक की शादी में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए गुरुवार को पूजा करें. इससे व्यक्ति की शादी में आ रही अड़चनें दूर होती हैं.