उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराने की मुहिम छेड़ने वाले मुकेश सहनी को अब बीजेपी ने हैसियत बताना शुरू कर दी है. बिहार में सहनी की पार्टी VIP के विधायक के निधन से ख़ाली हुई बोचहां विधानसभा सीट पर हो रहे उप चुनाव में भाजपा ने अपने उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है. मुकेश सहनी का कोई नोटिस लिये बग़ैर बीजेपी ने अपने उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया है. 

बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने आज एलान किया कि बेबी कुमारी बोचहां सीट से पार्टी की उम्मीदवार होंगी. बता दें कि इस सीट से मुकेश सहनी की पार्टी के विधायक मुसाफ़िर पासवान हुआ करते थे लेकिन उनके निधन से सीट ख़ाली हुई थी. चुनाव आयोग ने यहाँ उपचुनाव का एलान किया है।

बीजेपी ने इस सीट से अपना उम्मीदवार उतार दिया है. बीजेपी के स्थानीय नेता पहले से ही कह रहे थे कि बोचहां से अपना उम्मीदवार उतारेंगे. उनका कहना था कि 2020 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपने सीटिंग विधायक बेबी कुमारी का टिकट काटकर वीआईपी को ये सीट दी थी. लेकिन मुकेश सहनी ने बीजेपी के साथ धोखाधड़ी की. ऐसे में अब उन्हें कोई मौक़ा नहीं दिया जायेगा. 

मंत्री की कुर्सी भी जायेगी

अब खतरा मुकेश सहनी की मंत्री की कुर्सी पर है. मुकेश सहनी पिछला विधानसभा चुनाव तक हार गये थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें MLC बना कर मंत्री बनवाया था. बीजेपी के एक सीनियर नेता ने कहा कि मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश में जो किया है उसे किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. मुकेश सहनी को यूपी में अपनी पार्टी के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिला. लेकिन वे हेलीकॉप्टर से घूम कर बीजेपी को हराने की मुहिम चला रहे थे।

जिस मुकेश सहनी को तेजस्वी यादव ने एक सीट भी देने लायक़ नहीं समझा था, उसे बीजेपी ने सम्मान दिया लेकिन मुकेश सहनी भस्मासुर बनने की कोशिश करने लगे. यूपी में उन्होंने खुलेआम समाजवादी पार्टी के लिए काम किया. वहाँ वोटरों ने कोई नोटिस नहीं लिया तो बिहार में आकर विधान परिषद की 24 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में बीजेपी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया. बीजेपी नेता ने कहा कि अब पार्टी किसी सूरत में मुकेश सहनी की धोखाधड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी। 

बीजेपी के नेता कह रहे हैं कि एक दो महीने में मुकेश सहनी की विधान परिषद की सदस्यता ख़त्म होने वाली है. बीजेपी ने पिछले दफे सहनी को MLC बनाया था. अब उन्हें विधान परिषद भेजने का सवाल ही नहीं उठता. ऐसे में एक दो महीने में उनकी मंत्री की कुर्सी भी जायेगी. भाजपा के एक नेता ने बताया कि यूपी चुनाव के बाद मुकेश सहनी बीजेपी के एक शीर्षस्थ नेता के पास फ़ोन कर मंत्री बने रहने देने की गुहार लगा रहे थे. लेकिन अब से असंभव हो चुका है।