सच ही तो कहा गया है बेटियां घर की लक्ष्मी होती है. बेटी के रहने से घर में हर पल खुशी का आभास होता है. हालांकि कुछ लोग बेटियों को बेटे के बराबर का दर्जा नहीं देते हैं. वह लड़के और लड़की में फर्क समझते हैं. इस बीच मधुबनी से एक ऐसा मामला सामने आया है. जो समाज के लिए मिसाल बनने वाली है. दरअसल मधुबनी के झंझारपुर के एक डॉक्टर दंपती ने अपनी बेटी के लिए चांद पर एक एकड़ जमीन खरीदी है. डॉ. सुरविंदर कुमार झा और डॉ. सुधा झा ने अपनी बेटी आस्था भारद्वाज को यह तोहफा उसके 10वें जन्मदिन पर दिया है.

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुरविदंर ने कहा कि हमारे खानदान में कई पीढ़ियों के बाद बेटी का जन्म हुआ है. बेटी का चेहरा चांद की तरह था. उसके लिए चांद पर जमीन से कम क्या गिफ्ट होगा. उन्होंने बताया कि डेढ़ साल की कड़ी मशक्कत के बाद जनवरी 2022 में अमेरिका की लूना सोसायटी इंटरनेशनल ने डॉक्युमेंट्स भेजे. डॉ. सुरविदंर ने बताया कि इसकी प्रेरणा उन्होंने 2015-16 में गुजरात के एक व्यापारी से मिली. जिन्होंने अपनी 6 माह की बेटी नव्या के लिए चांद पर जमीन खरीदी थी.

चांद पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया के बारे में डॉ. सुरविंदर कुमार झा ने बताया कि लगभग डेढ़ साल पहले इसके लिए लूना सोसायटी को ई-मेल कर संपर्क किया. इसके बाद खुद का और बेटी का पासपोर्ट बनवाकर वेरिफाई करवाया. वेरिफिकेशन के बाद एंबेसी से संपर्क किया. एंबेसी से क्लीयरेंस मिलने के बाद दोबारा लूना सोसायटी को ई-मेल किया. वहां से कंफर्मेशन मिलने का मेल आया.

डॉ झा ने बताया कि लूना सोसायटी का ई-मेल आया. जिसमें बताया गया कि Latitude 23°34’8″ South × Longitude 7°57’50” West पर Sea of Clouds में चांद पर बेटी के नाम जमीन होने का जिक्र था. फिर इसके बाद हमने पेमेंट किया और कूरियर के माध्यम से जो डॉक्युमेंट्स आए थे. उन पर बेटी का साइन कराकर फैक्स कर दिया. डॉ झा ने कहा कि जम्मू के कटरा में माता रानी के दरबार में 25 फरवरी 2022 को बेटी को सर्टिफिकेट सौंपा. अडॉ झा ने बताया कि मेरिका के लूना सोसायटी ने कई डॉक्युमेंट्स भेजे हैं. जिसमें बेटी के लिए चांद पर जाने का एयर टिकट भी मौजूद है.