पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती इलाकों में केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का प्रयास करना है। इसके अलावा रेल कनेक्टिविटी के लिए भी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। वर्तमान में निर्माणाधीन इंडो नेपाल बॉर्डर सड़क के बनने से पड़ोसी देश नेपाल के साथ-साथ बिहार के भी आधा दर्जन से अधिक जिलों को फायदा होगा।

इन 7 जिलों से होकर गुजरेगी सड़क

फिलहाल करीब 375 किमी लंबाई में सड़क का निर्माण किया जाना है। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड परियोजना पर काम किया जा रहा है। बिहार में यह सड़क पश्चिम चंपारण में मदनपुर से शुरू होकर पूर्वी चंपारण के रक्सौल, सीतामढ़ी के बैरगनियां, सोनवर्षा होते हुए मधुबनी जिले के जयनगर, सुपौल में बीरपुर, अररिया में सकटी होते हुए किशनगंज के गलगलिया तक जायेगी।

30 मीटर चौड़ाई में हो रहा भूमि अधिग्रहण

बता दें कि इस सड़क की कुल लंबाई 729 किमी है। इसमें से 177 किमी पहले से ही राष्ट्रीय उच्च पथ-104 का हिस्सा है। शेष 552 किमी का निर्माण किया जा रहा था, जिसमें से करीब 178 किमी में निर्माण पूरा हो गया है। वहीं, 374 किमी लंबाई में इस सड़क का निर्माण चल रहा है। इस पूरी सड़क को बनाने के लिए करीब 30 मीटर चौड़ाई में भू-अर्जन किया गया है।
इस परियोजना को 2020 में ही पूरा हो जाना था लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसमें देरी हुई है। अब इसकी समय सीमा बढ़ाकर दिसंबर 2023 कर दी गई है।