वर्षों से औद्योगिक पिछड़ेपन की मार झेल रहा बिहार अब धीरे-धीरे ही सही औद्योगिक विकास की तरफ बढ़ने लगा है। हाल ही में प्रदेश में कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्री और इथेनॉल फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ। इसी तरह गया के डोभी में अब 1760 एकड़ क्षेत्र में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का निर्माण कराया जाएगा जिसका बड़ा हिस्सा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। अमृतसर-हावड़ा औद्योगिक कॉरिडोर के तहत बनने वाले इस इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग कलस्टर के लिए डोभी के नजदीक 13 राजस्व गांवों को मिलाकर जमीन का चयन किया गया है। राज्य सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू की गई है।

माल ढुलाई के लिए विकसित होगा पहाड़पुर रेलवे स्टेशन

इस बात की जानकारी बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के तकनीकी प्रमुख अजय शर्मा ने दी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित आईएमसी डोभी के लिए डिटेल्ड मास्टर प्लान तैयार करने के लिए टाटा कंसलटिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को जिम्मेवारी सौंपी गई है। इसके पहले 16 नवंबर 2021 को इंसेप्शन रिपोर्ट को एनआईसीडीसी और बिहार सरकार से मंजूरी मिल चुकी है।

जबकि मार्केट-डिमांड एनालिसिस रिपोर्ट की मंजूरी मिलनी बाकी है। डोभी के नजदीक पहाड़पुर रेलवे स्टेशन को इंडस्ट्रियल क्षेत्र के माल ढुलाई के लिए विकसित किया जा रहा। प्रस्तावित मास्टर प्लान में पहाड़पुर रेलवे स्टेशन पर कन्टेनर हैंडलिंग का प्रस्ताव शामिल किया जाए। उद्यमी चाहते हैं कि पहाड़पुर रेलवे स्टेशन से कोलकाता पोर्ट तक आ-जा सके।

इंडस्ट्रियल एरिया सहित इन क्षेत्रों का होगा विकास

एनआईसीडीसी द्वारा मास्टर प्लान प्रस्तुति में उद्यमियों को बताया गया कि 1040 एकड़ जमीन में इंजीनियरिंग, फैबिक्रेशन और रक्षा क्षेत्र के औद्योगिक इकाई के लिए सबसे अधिक 245 एकड़ जमीन आवंटित करने की योजना है। दो सौ एकड़ जमीन फूड प्रोसेसिंग, 195 एकड़ टैक्सटाइल, 140 एकड़ जमीन बिल्डिंग मैटेरियल, 115 एकड़ फर्निचर उद्योग, हैंडिक्रॉफ्ट और हैंडलूम के लिए 63 एकड़, लॉजिस्टिक एरिया के लिए 55 एकड़, रेडी टू यूज के लिए 15, अन्य जरूरतों के लिए 12 एकड़ जमीन का प्रावधान रखा जा रहा है।