बड़े निवेश के लिए तरस रहे बिहार के लिए केंद्र सरकार एक बड़ी सौग़ात देने की तैयारी कर ली है. इसका फायदा न केवल बिहार को मिलेगा बल्कि बिहार से देश के दूसरे राज्यों तक जल मार्ग के जरिए व्यापार का रास्ता भी खुल जाएगा. दरअसल, बिहार में बहुत जल्द एक अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह बनाया जाएगा जो जल मार्ग के जरिए व्यापार का नया रास्ता खोलेगा. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जलमार्ग परियोजना के तहत सारण जिला स्थित कालू घाट में अंतरराष्ट्रीय हाई लेवल बंदरगाह का शिलान्यास शनिवार को पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल गायघाट स्थित भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण से करेंगे. 13.17 एकड़ भूखंड में करीब 78.5 करोड़ रुपये की लागत से यह टर्मिनल दो साल में तैयार हो जाएगा.

टर्मिनल बन जाने के बाद व्यापार के साथ रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे. शनिवार को पटना के गायघाट में स्थित बंदरगाह से असम के गुवाहाटी में स्थित बंदरगाह के लिए करीब 200 टन चावल की पहली खेप लेकर पहली बार कार्गो गंगा के रास्ते रवाना होगा. पटना बंदरगाह से गुवाहाटी बंदरगाह लगभग 1400 किलोमीटर के आसपास है और इस दौरान कार्गो गंगा के रास्ते भागलपुर, साहेबगंज, फरक्का, कोलकाता से होते हुए बांग्लादेश के जलमार्ग होते गुवाहाटी तक पहुंचेगा.

अगर ये ट्रायल कामयाब रहता है तो बहुत जल्द विकास के रास्ते खुलेंगे और व्यापारिक रिश्ता भी मजबूत होगा. प्रधानमंत्री की “एक्ट ईस्ट” नीति के अनुरूप, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय जलमार्ग- I, भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग और एन डब्ल्यू-2 पर कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं.

मिली जानकारी के अनुसार केंद्रीय मंत्री सोनेवाल और अश्वनी चौबे पटना से पांडु तक खाद्यान्न ले जाने वाले जहाज को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. साथ ही एमवी लाल बहादुर शास्त्री और आईडब्ल्यूएआई टर्मिनल, गायघाट में “कालूघाट में आईडब्ल्यूएआई टर्मिनल की आधारशिला पट्टिका का अनावरण किया जाएगा.