5 दिसंबर को होने वाले कुढ़नी विधानसभा सीट के उपचुनाव में महागठबंधन ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। आज महागठबंधन के नेताओं के द्वारा जारी की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में महागठबंधन ने अपने प्रत्याशी की घोषणा की। जैसा कि आप जानते हैं कि राजद के अनिल सहनी इस सीट से विधायक थे परंतु उनके अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यहां 8 दिसंबर को उपचुनाव कराया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने बताया कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालू प्रसाद एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव ने कुढ़नी सीट पर राजद के बदले जदयू के प्रत्याशी को उतारने के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह को स्वीकार करते हुए यह फैसला लिया है।

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद के अध्यक्ष श्री लालू यादव एवं बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी यादव का आभार प्रकट करते हुए यह जानकारी दी कि मनोज कुशवाहा जदयू से महागठबंधन के प्रत्याशी कुढ़नी विधानसभा सीट उपचुनाव के लिए होंगे। इससे पहले राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने यह बताया कि इस बार का जो महागठबंधन बना है उसमें सारी बातें बहुत ही साफ और क्लियर होती है इसलिए हमने राजद की सीट पर जदयू के प्रत्याशी को उतारने का फैसला लिया है।

राजद की सेटिंग सीट थी कुढ़नी विधानसभा सीट

2020 में हुए विधानसभा चुनाव में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा सीट से राजद के प्रत्याशी के तौर पर अनिल सहनी चुनाव लड़े थे और वहां वह जीते थे। परंतु कुढ़नी विधानसभा सीट पर अनिल सहनी के अयोग्य घोषित किए जाने के बाद यहां उपचुनाव करवाया जा रहा है। इस सीट पर चुनाव के लिए 17 नवंबर तक नामांकन किया जा सकता है। 18 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 21 नवंबर तक नामांकन वापस लिया जा सकेगा। 5 दिसंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को मतगणना होगी।

कुढ़नी विधानसभा से पहले भी जीत चुके हैं मनोज कुशवाहा

मनोज कुशवाहा 2005 से लेकर 2015 तक कुढ़नी सीट से विधायक रह चुके हैं। 2020 में यह सीट एनडीए कोटे से बीजेपी के खाते में चली गई थी इसलिए मनोज कुशवाहा से यह सीट छीन गई थी। 2020 के चुनाव में बीजेपी के केदार गुप्ता को राजद के अनिल सहनी ने 712 मतों से हराया था। चूंकि कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी विधायक अनिल सहनी पर राज्यसभा सांसद रहने के दौरान एलटीसी घोटाले का आरोप लगा है। इस आरोप पर सीबीआई जांच कर रही थी। अनिल सहनी जब राज्यसभा सांसद बने थे तो बिना यात्रा के लाखों रुपया का घोटाला हुआ था और इसलिए एलटीसी घोटाला के मामले में अक्टूबर 2013 को सीबीआई ने केस दर्ज किया था। सीबीआई ने इस मामले में धोखाधड़ी सरकारी पद के दुरुपयोग की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था दिल्ली के अवकाश एवं यात्रा घोटाले मामले में उनको देते हुए 2 साल की सजा सुनाई है इसी कारण से यह सीट खाली हो गई है।