पटना. महागठबंधन सरकार में नए बने कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह को लेकर बिहार की सियासत में बवाल बढ़ता जा रहा है. बीजेपी ने कार्तिकेय सिंह (Kartikey Singh) के कोर्ट केस और अपहरण के एक मामले में फरारी को लेकर नवगठित महागठबंधन सरकार (Mahagathbandhan Government) को चौतरफा घेरा है. जिसके बाद नीतीश सरकार के लिए अपने कानून मंत्री का बचाव करना मुश्किल हो रहा है.

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का बचाव करते हुए कहा कि जिस दिन शपथ ग्रहण हो रहा था, सरकार को यह बात मालूम नहीं था. अगर पहले पता होता तो शपथ नहीं कराया जाता. उन्होंने कहा कि मुझे भी त्यागपत्र देना पड़ा था, जबकि मुझ पर वारंट भी नहीं था. मुझ पर सिर्फ केस था, तो मैने आठ घंटे में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.

मांझी ने कहा कि इस मामले में अगर सच्चाई है तो कार्तिकेय सिंह बच नहीं पाएंगे. सीएम नीतीश कुमार न किसी को फंसाते हैं, और न ही बचाते हैं. नीतीश कुमार इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से जरूर बात करेंगे.

RJD ने अपने नेता और मंत्री कार्तिकेय सिंह का किया बचाव

वहीं, आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कार्तिकेय सिंह के मामले में कहा कि आरोप सिद्ध होने पर की कड़ी कार्रवाई की जाएगी. किसी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो कोई भी हो. आरोप सिद्ध होने पर जेल के सलाखों के पीछे जाएंगे.

बता दें कि आरजेडी के कोटे से महागठबंधन सरकार में मंत्री बने कार्तिकेय सिंह को सीएम नीतीश कुमार ने विधि विभाग की जिम्मेदारी दी है. कार्तिकेय सिंह अपहरण के एक मामले में फरार चल रहे हैं और कोर्ट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया है. वर्ष 2014 में पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के बिल्डर राजू सिंह के अपहरण मामले में तत्कालीन बाहुबली विधायक अनंत सिंह के अलावा कार्तिकेय सिंह को भी आरोपी बनाया गया था. कार्तिकेय सिंह अनंत सिंह के काफी करीबी हैं, उनकी अनुपस्थिति (जेल में रहने) में वो ही उनका कामकाज देखते हैं.

मंगलवार को कार्तिकेय सिंह ने इस मामले में अग्रिम जमानत याचिका 201/22 दाखिल की थी. कोर्ट ने इस केस में 12 अगस्त, 2022 को अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर अगली तिथि एक सितंबर, 2022 तक रोक लगा रखी है, यानी कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह उर्फ कार्तिकेय मास्टर फिलहाल फरार नहीं हैं. इस मामले में कार्तिकेय सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, चुनाव के वक्त दाखिल किए गए हलफनामा में सारी बातों की जानकारी दी गई है.