हमारे देश में आज बेरोजगारी एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है। जैसे जैसे देश में बेरोजगारी बढ़ रही है वैसे-वैसे देश के युवा अब नौकरी का इच्छा छोड़ स्टार्टअप की ओर बढ़ रहे हैं। लोग आजकल अपना छोटा से छोटा व्यवसाय लगाने की तैयारी में है जिससे वह अच्छी खासी आमदनी को इकट्ठा कर पा रहे हैं। आपने एमबीए चाय वाले के चर्चे खूब सुने होंगे। लेकिन आज हम आपको बिहार के आईआईटी चाय वाले से मिलाने जा रहे हैं। बिहार का यह युवा अपनी इतनी बड़ी डिग्री लेने के बाद आज अपना एक छोटा सा चाय का स्टाल लगाकर पूरे जिले में अपना नाम कमा रहा है। इसके साथ-साथ इस युवा को देखकर अन्य लोगों में भी स्वरोजगार के प्रति संवेदना जग रही है।

जानिए बिहार के किस जिलें में आईआईटी चायवाले ने शुरू किया स्टार्टअप

जानकारी के अनुसार, मद्रास आईआईटी में डेटा साइंस में बीएससी प्रथम वर्ष के छात्र और टी-स्टाल खोलने वाले रणधीर कुमार बिहार के आरा के रहने वाले हैं. उन्होंने ने स्वरोजगार के लिए यह स्टार्टअप किया है। वही उनके साथ देश के अलग-अलग संस्थानों में पढ़ रहे चार दोस्तों ने रोजगार सृजन के लिए यह स्टार्टअप शुरू किया।

इसमें खड़गपुर आईआईटी में प्रथम वर्ष के छात्र जगदीशपुर के अंकित कुमार, बीएचयू में पढ़ रहे इमाद शमीम और एनआईटी सूरतकल में पढ़ रहे सुजान कुमार का आइडिया लगा है। वही उनका यह स्वरोजगार का स्टार्टअप काफी चर्चा में है. वही रणधीर बताते हैं उन लोगों ने भविष्य में कुछ ऐसा करने का निर्णय लिया था, जिससे कुछ लोगों को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना सकें। एक टी-स्टाल में दो से तीन लोगों को रोजगार मिला है। अभी आरा में एक स्टाल है और इसी महीने यहां बमपाली और बाजार समिति में स्टाल खुलने वाला है।

इस साल देश में खोलेगें 300 स्‍टाल, मात्र 10 रुपये में देते है चाय

रणधीर ने बताया है की उनकी योजना साल के अंत तक देशभर में 300 स्टाल खोलने की है। स्टार्टअप को आगे बढ़ाने के लिए वे वित्तीय संस्थानों से मदद लेंगे। इसके साथ-साथ वे अपने स्टार्टअप को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ेंगे। अभी वे लोग स्टाल पर किसी तरह का प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करते हैं और केवल कुल्हड़ में चाय देते हैं। इसके साथ-साथ आईआईटियन चाय दुकान में एक-दो नहीं, बल्कि 10 फ्लेवर में चाय मिलती है। इनमें, निम्बू, आम, सन्तरा, पुदीना, ब्लूबेरी आदि फ्लेवर की चाय लोग पसंद करते हैं। चाय बना रहे कर्मचारी ने बताया कि 10 रुपये में यहां कुल्हड़ में चाय मिलती है।