बिहार की नीतीश कैबिनेट में शामिल बीजेपी कोटे के मंत्री एक के बाद एक अपनी उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं. एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर तमाम मंत्री विभाग के क्रियाकलाप का लेखा-जोखा पेश कर रहे हैं. इसी क्रम में पंचायती राज विभाग का रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया. विभागीय मंत्री सम्राट चौधरी ने बीजेपी दफ्तर में अपने एक साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनवाईं. साथ ही भावी योजनाओं की रूपरेखा भी बताया.

पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कोरोना संकटकाल में पंचायत चुनाव कराना वास्तव में पंचायती राज विभाग के लिए बड़ी चुनौती थी. उन्होंने दावा किया कि पहली बार ईवीएम के जरिए पंचायत चुनाव हुए और पूरी निष्पक्षता से चुनाव संपन्न हुआ. साथ ही बोगस वोटिंग की समस्या पर भी विभाग की कोशिश से पूरी तरह से दूर हो गई है.

पंचायती राज मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान पंचायती राज विभाग के द्वारा एक करोड़ 27 लाख साबुन और 10 करोड़ 41 लाख मास्क और जीविका दीदियों को 24 करोड़ 79 लाख का भुगतान किया गया. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 8387 पंचायत कार्यपालक सहायक की नियुक्ति की जाएगी. नियोजित कार्यपालक सहायकों की सेवा अवधि 60 वर्ष तय कर दी गई है. ग्रैजुएट लेवल के कंप्यूटर शिक्षित युवा आवेदन दे सकेंगे.

मंत्री ने कहा कि हमने 50 फीसदी महिलाओं को पंचायतों में आरक्षण दिया है. सरकार अब यह सुनिश्चित करेगी कि विकास कार्यों से संबंधित बैठकों में चुनी हुई महिलाएं हिस्सा लें. उनके प्रतिनिधि को बैठक में आने की इजाजत नहीं होगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि अप्रैल महीने से हर पंचायत में पंचायत सरकार काम करने लगेगी. 18 विभाग से सामंजस्य स्थापित किया जा चुका है और हर रोज पंचायत सरकार भवन में 3 विभाग के अधिकारी बैठेंगे.