श्रावणी मेला की अंतिम सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने के लिए कांवरियों का आगमन लगातार होता रहा. वहीं, पूर्व निर्धारित रूटलाइन से श्रद्धालुओं को सुलभ व सुरक्षित जलार्पण कराया जा रहा था. पट खुलने के पूर्व कांवरियों की कतार नंदन पहाड़ सर्किल के पार पहुंच गया था. चुस्त व्यवस्था के तहत रात 10.30 बजे तक कुल 297,605 कांवरियों ने बाबा का जलार्पण किया. इनमें से मुख्य अरघा के माध्यम से जलार्पण करने वाले भक्तों की संख्या 199,753 रही, जबकि बाह्य अर्घा के द्वारा 97,852 कांवरियों ने जलार्पण किया. वहीं, पांच हजार से अधिक कांवरियों ने शीघ्र दर्शनम पास लेकर जलार्पण किया.

सरदार पंडा ने किया जलार्पण

अंतिम सोमवारी पर बाबा मंदिर का पट खुलने के बाद पारंपरिक पूजा संपन्न कर सरदार पंडा श्रीश्री गुलाब नंद ओझा ने बाबा भोले नाथ की सरदारी पूजा संपन्न की. सुबह चार बजे से आम कांवरियों के लिए पट खोला गया. पट खुलते ही कतार के अंतिम टेल प्वांइट नंदन पहाड़ सर्कल तक बोलबम की जयकार गूंज उठी. कांवरियों को सुलभ जलार्पण कराने के लिए डीसी मंजूनाथ भजंत्री, एसपी सुभाष चंद्र जाट एवं एसडीओ अभिजीत सिन्हा मंदिर में देर तक डटे रहे. बीच बीच में रूट लाइन का दौरा करने के बाद डीएसी एवं एसडीओ ने मंदिर कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से जरूरत के अनुसार वायरलेस सेट के माध्यम से दिशा निर्देश देते दिखे.

भीड़ में कमी आते ही शीघ्र दर्शनम व्यवस्था शुरू

दिन के दस बजे से तीन किमी दूर बीएड कॉलेज तक कतार सिमटते ही डीसी ने भक्तों की सुविधा के लिए शीघ्र दर्शनम पास जारी करने का आदेश जारी कर दिया. कूपन की व्यवस्था शुरू होते ही भक्तों को काफी राहत मिली. पट बंद होने तक कूपन जारी करने की व्यवस्था भी जारी रही. आम दिनों में कूपन कांउटर दिन के आठ बजे से शाम छह बजे तक संचालित किया जाता है.