अतीत में सैकड़ों साल पहले मगध साम्राज्य में स्थित नालंदा विश्वविद्यालय पूरी दुनिया के ज्ञान विज्ञान का केंद्र था। कालांतर में इसे नष्ट कर दिया गया और पर्यटक उसके अवशेष को देखकर उस गौरवशाली अतीत को याद करते हैं। इसी अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने विशेष पहल करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापना के प्रयास किया। निर्माणाधीन विश्वविद्यालय कैंपस अब लगभग बनकर तैयार है जो काफी शानदार दिख रहा है।

जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने दी जानकारी

बिहार के जल संसाधन तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने ट्वीट करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने विश्वविद्यालय की तस्वीरें भी साझा की। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा कि, कभी ज्ञान का अंतरराष्ट्रीय केंद्र रहे नालंदा विश्वविद्यालय की इन मनमोहक तस्वीरों को देखकर किस बिहारी को गर्व की अनुभूति नहीं होगी! हमें गर्व है कि मा. सीएम श्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में बिहार के गौरवशाली अतीत की पुनर्स्थापना हो रही है। बता दें कि नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना पांचवी शताब्दी में हुई थी लेकिन 1193 में बख्तियार खिलजी के आक्रमण से नष्ट कर दिया गया था।

अतीत और इतिहास का है अनूठा संगम

बता दें कि 456 एकड़ में फैले इस विश्वविद्यालय में आपको अतीत और वर्तमान का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। इसकी सीढ़ियों और भवनों की बनावट आपको पुराने नालंदा विश्वविद्यालय की याद दिलाएगी तो वहीं रेन वाटर हार्वेस्टिंग और मुख्य द्वार पर आकर्षक लाइटिंग आपको आधुनिकता की झलक दिखला देगा। सभी भवनों को मौसम के अनुकूल बनाया गया है जहां यह गर्मी में ठंडक और ठंड में गर्मी का एहसास दिलाएंगे।