पटना: भारतीय जनता पार्टी ने बेबी कुमारी को बोचहां विधानसभा सीट पर प्रत्याशी बनाया है। बोचहां विधानसभा उपचुनाव में बेबी कुमारी NDA की प्रत्याशी हैं। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने लिस्ट जारी करते हुए नाम की घोषणा भी कर दी है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने भी सोशल मीडिया पर पुष्टि की है।

मुसाफिर पासवान के निधन से खाली हुई थी सीट:

जानकारी दें कि बोचहां विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुसाफिर पासवान का निधन 24 नवंबर को हो गया था। नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. वे कई महीनों से बीमार चल रहे थे। बोचहां विधानसभा का उन्होंने दो बार प्रतिनिधित्व किया था। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में यह सीट गठबंधन में वीआईपी काे मिली थी। मुसाफिर पासवान विधायक बने थे। उनके निधन से यह सीट खाली हुई थी। ऐसे में वीआईपी से अब उनके बेटे काे उतारे जाने की चर्चा है। हालाकि बीजेपी ने NDA के कैंडिडेट के रूप में बेबी कुमारी के नाम की घोषणा की है।

विधायक मुसाफिर पासवान का निधन 24 नवंबर को हो गया था। नई दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। वे कई महीनों से बीमार चल रहे थे। बोचहां विधानसभा का उन्होंने दो बार प्रतिनिधित्व किया था। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में यह सीट गठबंधन में वीआईपी काे मिली थी। मुसाफिर पासवान विधायक बने थे। उनके निधन से यह सीट खाली हुई थी। ऐसे में वीआईपी से अब उनके बेटे काे उतारे जाने की चर्चा है। हालाकि बीजेपी ने NDA के कैंडिडेट के रूप में बेबी कुमारी के नाम की घोषणा की है।

2005 में आरजेडी से बने थे विजेताः

आपको बताएं कि मुसाफिर पासवान का सभी दलों के नेताओं से बेहतर संबंध था। इसी कारण एनडीए के साथ गठबंधन कर पिछले विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरे मुकेश सहनी के लिए वो बोचहां सीट पर पहली पसंद बने थे। उन्होंने आरजेडी के कद्दावर नेता रमई राम को 11,268 वोटों के मार्जिन से हराया था। इससे पहले मुसाफिर साल 2005 में आरजेडी के टिकट पर यहां से चुनाव जीते थे।

देखने वाली बात है कि बेबी कुमारी का नाम सामने आ जाने के बाद वीआईपी क्या स्टैंड लेती है? वो अपनी तरफ से उम्मीदवार उतारती है? या फिर बेबी कुमारी के नाम को जेडीयू के साथ साथ हम और वीआईपी का भी समर्थन मिला हुआ है। एक बात तो तय है कि बिहार विधानसभा उपुचनाव की इकलौती सीट पर घमासान तेज होने वाला है।