देश में अगर आज की स्थिति में आम चुनाव होते हैं तो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) के अलग होने बाद बीजेपी नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, यूपीए फायदे में रह सकती है। बिहार में जेडीयू के अलग नहीं होने की स्थिति में अगर 1 अगस्त को आम चुनाव होते तो एनडीए 300 के पार सीट हासिल करती। इंडिया टुडे ग्रुप और सी वोटर की ओर से किए गए सर्वे में यह अनुमान लगाया गया है।

सर्वे में एक अगस्त से 10 अगस्त के बीच की स्थिति का आकलन किया गया है। सर्वे के मुताबिक, अगर 1 अगस्त को आम चुनाव होते तो एनडीए के खाते में 307 सीटें मिलती वहीं, यूपीए को 125 सीटें मिलती जबकि अन्य के खाते में 111 सीट जाने का अऩुमान था। अब जब नीतीश कुमार एनडीए से अलग हो चुके हैं तो स्थिति कुछ और हो गई है। हालांकि, बीजेपी को कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं होता दिख रहा है।

नीतीश के अलग होने पर करीब 21 सीटों का नुकसान

सर्वे के मुताबिक, अगर 10 अगस्त को आम चुनाव होते तो, एनडीए को करीब 21 सीटों का नुकसान उठाने पड़ सकता था और 286 पर ही संतोष करना पड़ता। दूसरी ओर यूपीए 21 सीटों के फायदे के साथ 146 सीट हासिल कर सकती थी। अन्य के खाते में 111 सीटें ही मिलने का अनुमान जताया गया है। सर्वे का मतलब साफ है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का साथ छुट जाने के बाद बीजेपी को नुकसान ही हुआ है।

2019 में पूर्व बहुमत के साथ की थी वापसी

बता दें कि साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 303 सीटों के साथ पूर्व बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में वापसी की। वहीं, बीजेपी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 353 सीटें जीती थीं। लोकसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत के लिए कम से 273 या उससे अधिक सीटें होनी चाहिए। इस हिसाब से सर्वे के अनुमान देखें तो आज की स्थिति में बीजेपी को नुकसान जरूर हो रहा है लेकिन सत्ता की गद्दी उसके पास ही जाती हुई नजर आ रही है।