पटना : सीएम नीतीश कुमार ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर बड़ा आरोप लगाया है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि वे बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। ये वही इंसान हैं, जिन्होंने मुझे मेरी पार्टी को कांग्रेस में मर्ज करने की सलाह दी थी। Pk पर निशाना साधते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इन लोगों का कोई ठिकाना नहीं है। हमने इन्हें नहीं बुलाया, ये खुद ही मुझसे मिलने आए थे। इन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। ये कुछ भी बोलते रहते हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि बेचारे को केंद्र से जगह मिल जाए, अच्छा है। करें काम जिसके लिए भी करें।

नीतीश कुमार ने मीडिया से मुखातिब होते हुए पीके पर हमला बोला। नीतीश कुमार ने नगर निकाय चुनाव पर बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सबकी राय से चुनाव हुआ था। बीजेपी ये बात क्यों भूल रही है। सबसे राय मशवरा लेकर फैसला लिया गया था, कानून काफी लंबे समय से लागू था। ईबीसी का फैसला हमारा व्यक्तिगत तो नहीं था। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने हमारे कानून को चैलेंज किया था। हाईकोर्ट ने रिजेक्ट किया तो सुप्रीम कोर्ट गए और वहां से रिजेक्ट हुआ।

सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार में 2007 में नगर निकाय के लिए ये लागू रहा। चार बार पंचायत चुनाव और तीन बार नगर निकाय का चुनाव इसी आधार पर हुआ। बिहार में ओबीसी और ईबीसी की बात नई नहीं है। 1978 से, जब जननायक कर्पूरी ठाकुर थे। तब से ये लागू है। जो कुछ कहा गया और हमने हाईकोर्ट के फैसले पर इसे मान्यता दी गई। बिहार में नई चीज की जरूरत नहीं है। दिल्ली वालों की मदद के लिए लोग कुछ भी बोलते रहते हैं। जब बीजेपी साथ थी तो उन्हें ही ये विभाग मिला था। पांच साल हो जाने के बाद भी लेटलतीफी की गई। चुनाव क्यों नहीं हो रहे थे। ओबीसी-ईबीसी बिहार में नया नहीं है। नीतीश कुमार ने सुशील मोदी पर गलत बयानबाजी पर आरोप लगाया। 2006 और 07 में सुशील कुमार मोदी के पास ही नगर निकाय विभाग मिला हुआ था।