Patna. बिहार की राजधानी पटना (Patna) में जनता दल युनाइटेड (जेडीयू) की प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी (JDU National Executive Meeting) की बैठक हुई. तीन दिन तक चली इस बैठक में कई एजेंडे पर मुहर लगी. मुख्यमंत्री और पार्टी के शीर्ष नेता नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बैठक में देश भर से आए जेडीयू के नेताओं को बीजेपी का साथ छोड़ने और महागठबंधन के साथ जाने की वजह बताई. साथ ही उनका ‘मिशन 2024’ (Mission 2024) क्या है, इसके बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि यदि उनका मिशन सफल रहता है तो 2024 में बीजेपी को जोरदार झटका लगना तय है. सीएम नीतीश ने नेशनल काउंसिल की बैठक को संबोधित करते हुए स्वीकार किया कि वर्ष 2017 में बीजेपी के साथ जाना गलती थी. बीजेपी के साथ जाने से हमारे (जेडीयू) कई लोग हमसे अलग हो गए, लेकिन अब हम फिर लौट (महागठबंधन में) आए हैं तो सबने हमारे फैसले की सराहना की है.

नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी को रोकना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन इसके लिए पूरे विपक्ष को एकजुट होना होगा. यदि ऐसा होता है तो फिर बीजेपी को जोरदार झटका लगना तय है. इसके लिए वो बहुत जल्द देश भर का दौरा करेंगे. जो भी बीजेपी विरोधी दल हैं उनसे बात कर सबको एक साथ लाने की कोशिश करेंगे ताकि बीजेपी के खिलाफ मजबूत गठबंधन बनया जा सके.

नीतीश कुमार ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वो प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं बल्कि उनका उद्देश्य सभी विपक्षी पार्टियों को एकजुट करना है. सब एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो हमें सफलता मिलेगी. उन्होंने कहा कि वो केंद्र सरकार के खिलाफ दिल्ली जाएंगे और जो विपक्षी दल हैं उनके साथ बातचीत करेंगे. उन्होंने इस बात को लेकर खुशी जाहिर की कि कांग्रेस की रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली अच्छी रही. बिहार के मुख्यमंत्री ने राजनीति में बड़ा दांव खेलने का इशारा करते हुए कहा की देश के पिछड़े राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए. उनका इशारा पिछड़ा राज्यों का गठजोड़ बनाने पर भी है. नीतीश कुमार ने कहा की अमृत महोत्सव मानते है तो बापू महोत्सव क्यों नहीं करते. देश में टकराव का माहौल नहीं बनने देंगे. उन्होंने कहा कि राज्यों को शेयर (विकास राशि देने) में कटौती हो रही है.

‘अमित शाह बिहार का माहौल खराब करने यहां आ रहे हैं’

वहीं, बैठक में जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार का माहौल खराब करने के लिए राज्य के दौरे पर आ रहे हैं, लेकिन वो अपने मकसद में सफल नहीं हो पाएंगे. बीजेपी कुछ भी कर ले, लेकिन वो अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएगी. उन्होंने दावा किया कि 2024 में बिहार में महागठबंधन सभी चालीस लोकसभा सीटें जीतेगी.

जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव के.सी त्यागी ने कहा कि बीजेपी आर.सी.पी सिंह को बिहार का ‘एकनाथ शिंदे’ बनाना चाहती थी, लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाई. बिहार में जेडीयू को तोड़ने की तैयारी की गई थी. उन्होंने कहा कि विपक्षी एकता को मजबूत करने के लिए वो दिल्ली जाकर कांग्रेस, वाम दल सहित छह पार्टियों के नेताओं से मुलाकात करेंगे.

के.सी त्यागी ने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के प्रमुख केसीआर ने अपने बिहार दौरे में जो कहा था वो बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि केसीआर चाहते हैं कि देश में बिना कांग्रेस, और बिना बीजेपी के कोई गठबंधन बने, लेकिन कांग्रेस और वाम दलों के बगैर गठबंधन का कोई मतलब नहीं है. अगर केसीआर चाहते हैं कि बीजेपी को हराया जाए तो उन्हें अपना मतभेद भुला कर एक साथ आना होगा.