पटना. कोरोना काल के बाद पहली बार बिहार के सियासी हलके में इफ़्तार का आयोजन किया जा रहा है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमां खान (Zaman Khan) ने अपने सरकारी आवास पर इफ़्तार (Iftar) का आयोजन किया है। यह आयोजन इस वजह से भी खास होने वाला है क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सहित बीजेपी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और एलजेपी (पशुपति पारस) की पार्टी के तमाम बड़े नेताओ के शामिल होने की संभावना है।

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमां खान ने न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए कहा कि कोविड-19 से पिछले तीन वर्षों से बिहार में इफ़्तार का आयोजन बंद था। लेकिन अब जबकि कोरोना से राहत मिली और हालात सुधरे हैं तो इफ़्तार के आयोजन करने की इच्छा हुई। इसलिए मैंने अपने आवास पर इफ़्तार का आयोजन किया है। इसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शामिल होंगे। साथ ही एनडीए के तमाम मंत्री और विधायकों-सांसदों को भी आमंत्रण भेजा गया है। उन्होंने बताया कि जेडीयू के भी कई नेता और कार्यकर्ता इफ़्तार आयोजन में शामिल होंगे। जमां खान से जब यह पूछा गया कि क्या इस आयोजन में विपक्षी आरजेडी और कांग्रेस के लोग भी आएंगे तो उन्होंने कहा कि मैंने आमंत्रण दिया है। जो हमारे मित्र हैं, उम्मीद है उनमें से कई लोग आएंगे।

जमां खान ने कहा कि रमज़ान अल्लाह की इबाबत है। इस मौके पर इफ़्तार के आयोजन में आम हो या ख़ास, हर किसी के लिए मेरा घर खुला हुआ है। इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इफ़्तार के आयोजन में रोजा खोलने वालों के लिए पूरा इंतजाम किया गया है। उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग आएंगे जिनके खाने-पीने की भी पूरी व्यवस्था है। इफ़्तार में जो लोग आएंगे, खास कर इस वक्त नवरात्र भी चल रहा है वैसे लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है जिससे कि उन्हें कोई समस्या न हो।

बता दें कि बिहार में सियासी इफ़्तार की चर्चा खूब होती है। अक्सर इफ़्तार के बहाने राजनीति भी खूब होती है। एक समय जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इफ़्तार का आयोजन किया था तब लालू यादव भी इसमें शामिल हुए थे जिसकी चर्चा देश भर में हुई थी।