यूक्रेन में भारतीय छात्र बुरे हालात में हैं। उनके द्वारा स्वजनों को भेजे जा रहे तस्वीरे, वीडियो और वाइस नोट्स इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। भारत सरकार द्वारा लगातार सभी का रेस्क्यू करने की कवायद की जा रही है। वहीं, सुखद खबर ये है कि यूक्रेन में भारतीय तिरंगा भारतीय छात्रों के लिए सुरक्षा कवच बन गया है। जो छात्र वहां से अभी नहीं लौट पाए हैं, उनमें से कुछ तिरंगे की मदद से ही यूक्रेन के पड़ोसी देशों की ओर रुख कर चुके हैं। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी के साथ वायरल हो रहीं हैं।

इधर, जमुई की मेडिकल छात्रा नयन तारा का रेस्क्यू भी किया जा चुका है। इस बाबत जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने कहा, हर्ष के साथ सूचित करना है कि जिन जमुई जिला निवासी डा. नयन तारा जी को युक्रेन से विस्थापित होने पर भारत लाने की कोशिश हम सब कर रहे थे। उनकी सुरक्षित वापसी अब तय हो गई है। दिनांक – 27/02/22 को डा. नयन तारा सुबह 09:30 बजे तक नई दिल्ली जाने वाली फ्लाइट पर होंगी। डा. नयन तारा की सुरक्षित घर वापसी की खबर हम सब के लिए बड़ी राहत की खबर है। हम सब का सम्मिलित प्रयास सफल रहा। इसके लिए भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को धन्यवाद और शुभकामनाएं। जो भारतीय नागरिक अभी भी यूक्रेन में फंसे हैं, उनको भारत वापस लाने का प्रयास जारी है। विशेषकर जमुई और बिहार वासियों को शीघ्र उनके घर सुरक्षित वापस लाने के लिए मेरा प्रयास जारी रहेगा।

मुंगेर के छात्र ने माता-पिता को भेजा वीडियो संदेश 

यूक्रेन में फंसे जमालपुर के छात्र शिवम कुमार ने घरवालों को भेजा वीडियो। उसने बताया कि वो चार दिनों से एक हास्टल के बंकर में है। भोजन-पानी की दिक्कत नहीं है। बस जल्द से जल्द घर आना चाहता है। सरकार से मदद की गुहार शिवम ने लगाई है। शिवम का कहना है कि यहां हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तापमान कम है और धमाकों की गूंज तनाव बढ़ा रही है।