नई दिल्ली : यूपीएससी परीक्षा को पास करने का सपना लाखों युवा देखते हैं जिसके लिए वे कड़ी मेहनत भी करते हैं। हालांकि इस परीक्षा को पास करना वाकई बेहद मुश्किल है लेकिन हर साल कई परीक्षार्थी कड़ी मेहनत से न सिर्फ परीक्षा को पास करते हैं बल्कि अच्छी रैंक भी हासिल करते हैं। हाल ही में यूपीएससी सीएसई 2021 के परिणाम सामने आए हैं जिसमें कुल 685 परीक्षार्थियों ने बाज़ी मारी है।

टॉप 3 में भी लड़कियों ने ही जगह बनाई है। वहीं दिल्ली की रहने वाली इशिता राठी ने भी परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल कर ली है। इशिता के पिता हेड कॉन्स्टेबल हैं और उनकी माँ एएसआई हैं लेकिन अब इशिता कलेक्टर बनने वाली हैं। इशिता ने कड़ी मेहनत से अपने माता पिता का सपना भी पूरा कर दिया है। हर कोई इशिता पर गर्व भी कर रहा है आइए जानते हैं इशिता राठी के सफर से जुड़ी खास बातें।

शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी अच्छी हैं इशिता

यूपीएससी सिविल सर्विस के परिणाम घोषित हो चुके हैं जिसमें कई परीक्षार्थियों ने कड़ी मेहनत से सफलता को हासिल किया है। दिल्ली निवासी इशिता राठी ने भी इस परीक्षा में 10वां स्थान हासिल किया है जिससे उनके परिवार में भी खुशी का माहौल है। इशिता के पिता दिल्ली में ही हेड कॉन्स्टेबल है और उनकी माँ मीनाक्षी राठी एएसआई हैं। इशिता ने भी अब कलेक्टर बन माता पिता का सपना पूरा किया है। इशिता ने डीएवी स्कूल से अपनी पढ़ाई को पूरा किया है।

स्कूली पढ़ाई पूरी होने के बाद इशिता ने दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज से इक्नॉमिक्स में पढ़ाई की और इसके बाद मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से एमए की पढ़ाई को भी पूरा किया। इसके बाद ही इशिता ने सिविल सेवाओं की तैयारी भी करना शुरू कर दिया था। ये इशिता का तीसरा प्रयास था जिसमें उन्हें सफलता मिल चुकीं है। बेटी की सफलता से उनके माता पिता भी बेहद खुश नज़र आ रहे हैं।

अन्य कैंडीडेट्स को इशिता ने दी सलाह

मीडिया से बातचीत के दौरान इशिता ने अपनी सफलता का पूरा श्रेय अपने माता पिता को ही दिया है। इशिता के अनुसार उनके परिवार को उन पर भरोसा था और इसी के चलते वे इस परीक्षा में सफलता हासिल कर पाई हैं। इशिता ने बताया कि परीक्षा काफी कठिन है इसलिए इस पर फोकस करना काफी जरूरी है।

वहीं परीक्षार्थी को खुद पर विश्वास भी होना चाहिए। इशिता ने लड़कियों के टॉप करने पर गर्व भी महसूस किया है। इशिता का भाई भी परीक्षा की तैयारी कर रहा है जबकि उनकी चाचा भी सीबीआई में सेवाएँ दे रहे हैं। आज इशिता पर हर कोई गर्व भी कर रहा है।