वंदे भारत एक्सप्रेस पटना की तीनों शताब्दी की जगह लेगी। पूर्व मध्य रेलवे में परिचालित हो रही पटना से हावड़ा, पटना से रांची और पटना से वाराणसी के बीच चल रही जनशताब्दी अब नहीं चलेगी। इनकी जगह वंदे भारत ट्रेन ले लेगी। पूर्व मध्य रेलवे को तीन वंदे भारत मिलेंगी। फिर पाटलिपुत्र स्टेशन से दीघा ब्रिज होते लखनऊ तक ट्रेन परिचालित की जाएगी। बजट में देश में 400 वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जाने की घोषणा की गई है। इसके अनुसार तीना शताब्दी के रिप्लेस होनी है। जबकि झाझा से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के बीच रेल ट्रैक के अपग्रेडेशन के बाद पाटलिपुत्र से लखनऊ की एक और वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिलने वाली है।

इसकी रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। इसको ध्यान में रखकर झाझा-पंडित दीनदयाल उपाध्याय ट्रैक पर तेजी से काम चल रहा है। डीडीयू से हावड़ा रूट के बीच 160 किलोमीटर की गति के स्तर का ट्रैक बनाया जा रहा है। इलेक्ट्रिक सिग्नल सिस्टम लग रहा है। इसके अलावा गया को भी एक वंदे भारत एक्सप्रेस मिलनी है। खास बात है कि वंदे भारत ट्रेन के चलने से इस रूट के यात्रियों के तीन घंटे समय बचेंगे। फिलहाल इस रूट पर सफर में अठ से 10 घंटे लग जाते हैं। क्योंकि, जनशताब्दी 110 किलोमीटर प्रति घंटे से 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक चलती है। वहीं, वंदे भारत ट्रेन की स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे है। फिलहाल रांची-पटना जनशताब्दी को 418 किलोमीटर तय करने में आठ घंटे लग रहे हैं।

फिलहाल दो ही रूटों पर चल रही वंदे भारत
वंदे भारत ट्रेन अभी देश के दो ही रूटों पर परिचालित हो रही है। इसमें नई दिल्ली से वाराणसी के बीच सबसे पहले परिचालन शुरू किया गया। दूसरा नई दिल्ली से कटरा के बीच यह ट्रेन चल रही है। रेल अधिकारी सुधांशु मणि ने बताया कि देश के सभी रूटों पर यह आने वाले दिनों में ट्रेन दौड़ेगी।

50 इंजीनियरों की टीम ने चेयरकार वाली यह ट्रेन डिजाइन की
वंदे भारत ट्रेन को 50 इंजीनियरों की टीम ने चेयरकार श्रेणी वाली डिजाइन तैयार की है। इस ट्रेन में किसी भी इमरजेंसी में चार आपातकालीन खिड़कियां होंगी। ट्रेन में फायर सर्वाइकल केबल इंडोरसर्किट भी है। ट्रेन के सभी कोच में चार डिजास्टर लाइट रहेगी। बता दें 2016 में रेलवे विदेशों से सेमी हाईस्पीड ट्रेन कोआयात करने की योजना पर काम कर रहा था। स्पेन की सेमी हाईस्पीड ट्रेन के एक सेट को भारत लाया गया। दिल्ली-मुंबई एवं कोटा मंडल में टैल्गो का ट्रायल आईडीएसओ की टीम ने किया।