बात कॉम्पीटिशन एग्जाम की हो तो, हर कोई इसमें सफलता चाहता है। जिसके लिए लोग ना जाने कितनी मेहनत भी करते हैं। कोई एक्सपर्ट्स की मदद लेता है तो कोई कोचिंग की। परिस्थिति कोई भी हो, लेकिन उस परिस्थिति में हार ना मानने वाले को ही बाजीगर कहते हैं। उन्हीं परिस्थितों से उपर उठकर यूपी की जिस बेटी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी में टॉप 10 में अपनी जगह बिना किसी कोचिंग की मदद के बनाई और दूसरी बेटियों के लिए मिसाल बनीं, वो हैं आईएएस इशिता राठी।

इशिता ने जो सपने देखे उन सपनों को पूरा भी किया। वो ऐसे लोगों के लिए एक मिसाल बन गयीं, को महंगी महंगी कोचिंग में जाने कितने पैसे फूंक देते हैं। इशिता ने ये कामयाबी बिना किसी कोचिंग के हासिल की है। उन्हें ये सफलता कैसे मिली आइये जानते हैं।

कौन हैं IAS इशिता राठी

यूपी के शहर बागपत की रहने वाली 26 साल की इशिता राठी के माता और पिता दोनों ही पुलिस में है। उनके पिता की बात करें तो, वो दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। और उनकी मां मीनाक्षी राठी भी सरिता विहार में ASI के पद पर हैं। माता-पिता की तरह इशिता भी देश के लिए कुछ करना चाहती थीं। इशिता ने आईएएस अधिकारी बनने के लिए काफी मेहनत की। इशिता ने अपने शुरूआती पढ़ाई DAV पब्लिक स्कूल से वसंत कुंज से पूरी की है। जिसके बाद उन्होंने इकोनोमिक्स ऑनर्स में अपनी ग्रेजुएशन लेडी श्रीराम कालेज से पूरी की। जिसके बाद से ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।

दो बार हार के बाद मिली जीत- इशिता राठी ने यूपीएससी की परीक्षा में सफलता के लिए काफी मेहनत की। लेकिन उन्हें पहली दो बार में निराशा हाथ लगी। लेकिन उसके बाद भी उनहोंने हार नहीं मानी और अपनी कोशिश जारी रखी। इशिता के लिए ये चैलेंज काफी टफ था। हालांकि इशिता के माता पिता दोनों ही पुलिस में अच्छे पद पर तैनात थे, तो उन्होंने भी काफी हद था इशिता की पढाई में उनकी मदद की। जिसके चलते इशिता ने कोचिंग का सहारा भी नहीं लिया। वो खुद से ही सारे नोट्स तैयार करती थीं। वो भीड़ का हिस्सा नहीं बनना चाहती थीं। उन्होंने खुद पर विश्वास कायम रखा और खुद से पढ़ाई करने का फैसला लिया।

8वीं रैंक हासिल कर पाया मुकाम-

इशिता की सेल्फ स्टडी और कड़ी मेहनत रंग लायी। उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 8वीं रैंक हासिल की। हालांकि इसे पहले इशिता को दो बात असफलता का चेहरा भी देखना पड़ा था। लेकिन तीसरी बार में उनकी इस सफलता पर उन्हें खुद यकीन नहीं हो रहा था। इशिता का कहना है कि, जैसे ही UPSC का रिजल्ट सामने आया, मुझे लगा ये एक सपना है, जिसपर मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरा नाम टॉप 10 में शामिल है।

कैंडिडेट्स के लिए इशिता का मैसेज– इशिता राठी ने UPSC कैंडिडेट्स के लिए टिप्स देते हुए बताया कि, आपका लक्ष्य क्या है पहले उसे पहचानें और उसी पर केन्द्रित रहें। आपको अपने सपनों को पूरा करने के लिए जुनूनी होना पड़ेगा। आपको UPSC को अपनी पहली प्राथमिकता और वरीयता बनानी पड़ेगी। इशिता राठी ने बताया कि इसकी परीक्षा आसान नहीं होती। इसलिए जरूरी है कि, आपका पूरा फोकस आपकी पढ़ाई और तैयारी पर होना चाहिए। आपको खुद पर भरोसा और हिम्मत रखनी होगी। अगर एक बार आपका खुद पर भरोसा अडिग हो गया, तो समझिये आपका सलेक्शन होने से कोई नहीं रोक सकता।