पटना: उत्तर प्रदेश के बाद बिहार में भी मंदिर और मस्जिद में मस्जिद में लाउडस्पीकर को लेकर सियासत (Politics over Loudspeaker in Mosque) शुरू हो गई है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इससे जुड़े सवाल को फालतू बताया था। वहीं, इस पर कांग्रेस विधान पार्षद समीर कुमार सिंह (Congress MLC Samir Kumar Singh) ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ना चाहती है। यही कारण है कि मंदिर और मस्जिद में लगे लाउडस्पीकर को लेकर अब वह राजनीति करने लगी है।

सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश:

कांग्रेस नेता समीर सिंह ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री ने तो इसको लेकर साफ-साफ जवाब दे दिया है, बावजूद इसके बीजेपी के लोग तरह-तरह के बयान देकर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर लोगों से वोट लेने वाली यह पार्टी कभी भी किसी भी तरह की बयानबाजी कर सकती है। लिहाजा लोगों को ऐसी बीजेपी से सचेत रहने की जरूरत है। कांग्रेस विधान पार्षद ने कहा कि फिलहाल बिहार में इसको लेकर कोई कानून बनाने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने उनकी मांग को पहले ही खारिज कर दी।

“देखिए कोर्ट ने भी ध्वनि प्रदूषण को लेकर कई गाइडलाइन जारी किया है। जिस तरह पहले से ध्वनि प्रदूषण को लेकर कानून बना हुआ है। निश्चित तौर पर उस पर सरकार को संज्ञान लेना चाहिए। अगर कहीं लगता है कि पूजा पाठ या अजान के नाम पर कहीं गड़बड़ी की जा रही है या ध्वनि प्रदूषण फैलाया जाता है कि सरकार को जरूर संज्ञान लेना चाहिए। केंद्र में भी उनकी सरकार है। केंद्र सरकार ही कोई इस तरह का नियम निकाले। मुझे लगता है कि जब मुख्यमंत्री ने तो इसको लेकर साफ-साफ जवाब दे दिया है, इसके बावजूद इसके बीजेपी के लोग तरह-तरह के बयान देकर सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को सचेत रहना होगा”- समीर कुमार सिंह, विधान पार्षद,कांग्रेस

लाउडस्पीकर को लेकर नीतीश कुमार का बयान:

आपको बता दें कि शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम माझी के आवास पर इफ्तार पार्टी बाद नीतीश कुमार से पत्रकारों ने पूछा कि उनके मंत्रिमंडल में खान मंत्री जनक राम ने ये मांग दोहरायी कि मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाया जाना चाहिए। इस पर सीएम ने कहा कि ऐसी मांग फालतू बात है और राज्य में ऐसी मांगों से वो सहमत नहीं हैं। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों का नाम लिए बिना कहा कि जिसे जो कहना है, वो कहें।