बिहार के सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों में अब 50 प्रतिशत क्लास ऑनलाइन चलाए जाएंगे। कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए यह फैसला किया गया है। पहले भी इस वायरस के कारण शिक्षा व्यवस्था गड़बड़ा गई थी। अब कोरोना की चौथी लहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग एक खास किस्म का मेकैनिज्म बनाएगा, जिसमें केवल ऑफलाइन क्लास ही नहीं बल्कि ऑनलाइन क्लास भी कंडक्ट कराये जाएंगे। 50 प्रतिशत क्लास ऑनलाइन ही लिए जाएंगे। इसको लेकर विभाग जल्द ही कुलपतियों और आइटी, आइसीटी एक्सपर्ट की बैठक करेगा। बिहार के सभी विवि में वाइ-फाइ उपलब्ध कराया जा चूका है। 

कोरोना के खतरे को ध्यान में रखते हुए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के लिए मेकैनिज्म तैयार किये जा रहे, जिसकी खासियत यह होगी कि बिहार के सभी कॉलेजों के बेहतरीन प्राध्यापकों के लेक्चर दूसरे कॉलेजों के विद्यार्थियों को उपलब्ध कराया जाएगा। प्राध्यापकों को 50% ऑनलाइन क्लास लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

इन क्लासों को बच्चे अपने घर बैठे भी कर सकते हैं। विशेषज्ञ प्राध्यापकों की क्लासों की वीडियो रिकाॅर्डिंग भी होगी। बाद में उस रिकाॅर्डिंग को अलग-अलग कॉलेजों के बच्चों को लिंक के जरिये सेंड किया जाएगा। विशेषज्ञों ने फैसला लिया है कि सभी सरकारी और संबद्ध कॉलेजों के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के मोबाइल नंबर लेकर ग्रुप क्रिएट किए जाएंगे। 

50 प्रतिशत क्लास ऑनलाइन संचालित किए जाने को लेकर सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और विशेषज्ञों की जल्दी ही बैठक होगी। इसमें ऑनलाइन और डिजिटल क्लास को संचालित कराने के लिए रणनीति पर सुझाव मांगे जाएंगे। शिक्षा विभाग इस बात को लेकर गंभीर है कि कोरोना कि स्थिति चाहे जो भी रहे, छात्रों की शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।