सावन का महीना आनेवाला है, कोरोना की वजह से दो साल से रूकी हुई कांवड़ यात्रा को इस बार अनुमति मिल गई है. बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़ियों में इसको लेकर उत्साह साफ देखने को मिल रहा है. वहीं प्रसासन की तरफ से भी इस श्रावणी मेले की तैयारी जोरों पर है. 

बिहार का देवघर कहा जाता है प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर 
बिहार का देवघर कहे जाने वाला लखीसराय जिले के प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में श्रावणी मेला की तैयारियों में जिला प्रशासन जुट गया है. ऐसे में श्रावणी मेला के शुरू होने में मात्र नौ दिन का समय बचा हुआ है. नगर परिषद वार्ड संख्या एक स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में भगवान भोलेनाथ पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है.

श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर अशोकधाम मंदिर के इर्द-गिर्द अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्य शुरू हुआ है. अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशुतोष आनंद चौधरी व सदर सीओ संजय कुमार पंडित के द्वारा चिह्नित 35 दुकानदारों को अबिलंब अतिक्रमण हटाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है. 

सदर सीओ के द्वारा नोटिस देने के साथ ही माइकिंग कराया गया और सभी दुकानदारों को व्यक्तिगत रूप से मिलकर अबिलंब अतिक्रमण हटाने को कहा गया. नोटिस तामिला कराने के दौरान नगर परिषद के टैक्स दारोगा वीरेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे. सभी दुकानदारों अशोकधाम मंदिर के चारदिवारी से सटे 15 फीट की दूरी तक ही दुकान को रखने को कहा गया है. मंदिर के चाहरदिवारी से वर्तमान में 15 फीट से काफी आगे तक दुकान लगाया गया है जिसके कारण भीड़ नियंत्रण में प्रशासन को काफी परेशानी होती है.  वहीं सीओ संजय कुमार पंडित ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है, साथ ही माइकिंग भी करवाई गई है. इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाने पर कार्रवाई की जाएगी.