कहते हैं इंसान में जोश हो, जोश हो, वो जो चाहे वो हासिल कर सकता है, मंजिल तक पहुंचने में देर नहीं लगती| बस इरादे मजबूत होने चाहिए। प्रियंका देश की लड़कियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं। प्रियंका ने बिना किसी महंगी कोचिंग के पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली और 257 रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बन गईं। उनकी सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

आपको बता दें कि प्रियंका चमोली जिले के देवाल प्रखंड के छोटे से गांव रामपुर की रहने वाली हैं| उनके पिता दीवान राम किसान हैं। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी कि वे अपनी बेटी को एक निजी स्कूल में भेज सकें। कई बार वह बुवाई से लेकर कटाई तक हर चीज में मदद करती थी। प्रियंका ने 5वीं तक पढ़ाई अपने ही गांव रामपुर से की है। उसके बाद छठी क्लास से 3 किमी दूर दूसरे तोरती गांव चली जाती थी, यहां से 10वीं पास की।

प्रियंका ने अपनी शिक्षा गोपेश्वर से पूरी की जो उनके गांव से 100 किमी दूर है। उसने बताया था कि यूपीएससी की परीक्षा देने के लिए वह अपने जिले के एक डीएम से प्रेरित हुई थी। साल 2012 की बात है जब वह फर्स्ट ईयर में थी तब डीएम कॉलेज के एक फंक्शन में आए थे। यह पूछे जाने पर उन्होंने काफी जानकारी देते हुए इस पोस्ट का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि आप यूपीएससी पास कर सकते हैं। इसके बाद मैंने अपने चाचा से पूछा जो देहरादून कोर्ट में जज हैं। उन्होंने मेरा बहुत अच्छा मार्गदर्शन किया। और कहा कि आप इसकी तैयारी में लग जाएं। उस दौरान मैं एक निजी स्कूल में टीचर था।

प्रियंका ने बताया कि चार दिन बाद उनके परिवार के सामने आईएएस ऑफिसर बनने की खुशखबरी आई। उसने बताया कि उसने परीक्षा दी है और उसका परिवार ते गांव में है और उनका उससे कोई संपर्क नहीं है। तब की बात है जब तह गांव के किसी व्यक्ति ने बताया कि आईएएस का रिजल्ट जारी कर दिया गया है| आपकी बेटी को क्या हुआ। जब उसके माता-पिता को यह खबर मिली कि उनकी बेटी ने न केवल अपने गांव बल्कि अपने राज्य को भी गौरवान्वित किया है।