पटना के फुलवारीशरीफ का महादलित छात्र अब अमेरिका में पढ़ाई करेगा. अमेरिका के प्रतिष्ठित लाफायेट कॉलेज ने उसे छात्रवृत्ति के रूप में ढाई करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. इस घोषणा से पूरा गोनपुरा गांव खुश है. यहां के गोनपुरा गांव का 17 वर्षीय प्रेम कुमार के पिता जीतन मांझी मजदूरी करते हैं. मां कलावती देवी का 10 साल पहले निधन हो गया था. प्रेम अपनी पांच बहनों में इकलौता भाई है. उसने बताया कि उसने 2020 में शोषित समाधान केंद्र उड़ान टोला, दानापुर से मैट्रिक पास की.

लाफायेट कॉलेज अमेरिका के टॉप 25 कॉलेजों में शामिल

इसी कॉलेज से उसने 2022 में साइंस (मैथ) से इंटर की परीक्षा दी है. प्रेम पिछले चार साल से पटना के एक ग्लोबल संस्थान से जुड़ कर पढ़ाई कर रहा है. संस्थान के द्वारा कुछ दिन पहले उसे सूचना मिली की अमेरिका के प्रतिष्ठित कॉलेज लाफायेट में उसका सिलेक्शन हो गया है. कॉलेज द्वारा स्नातक की डिग्री हासिल करने के लिए उसे 2.5 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति मिली है. वर्ष 1826 में स्थापित लाफायेट कॉलेज अमेरिका के टॉप 25 कॉलेजों में शामिल है. इसे अमेरिका के ‘हिडन आइवी’ कॉलेजों की श्रेणी में गिना जाता हैं.

प्रेम भारत में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले पहला महादलित छात्र

प्रेम भारत में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाले पहला महादलित छात्र होगा. वह दुनिया के 6 छात्रों में से एक है, जिसे लाफायेट कॉलेज से प्रतिष्ठित ‘डायर फैलोशिप’ प्राप्त होगी. लाफायेट के अनुसार यह फेलोशिप उन चुनिंदा छात्रों को दी जाती है, जिनमें दुनिया की कठिन से कठिन समस्याओं का समाधान निकालने के लिए आंतरिक प्रेणा और प्रतिबद्धता हो. 14 वर्ष की उम्र में प्रेम को राष्ट्रीय संगठन डेक्स्टेरिटी ग्लोबल द्वारा पहचाना गया. तब से उसे डेक्स्टेरिटी ने लगातार प्रशिक्षित किया. डेक्सटेरिटी ग्लोबल एक राष्ट्रीय संगठन है, जो शैक्षणिक अवसरों और प्रशिक्षण के माध्यम से भारत और विश्व के लिए नेतृत्व की अगली पीढ़ी तैयार करने में जुटा है.

पिछले सप्ताह छात्रवृत्ति प्राप्त की

पिछले सप्ताह डेक्सटेरिटी ग्लोबल के संस्थापक व सीइओ और बिहार के प्रसिद्ध सामाजिक उद्यमी शरद सागर ने घोषणा की कि संगठन के करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम ‘डेक्सटेरिटी टू कॉलेज’ के तहत छात्रों ने अब विश्व के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों से 100 करोड़ से भी अधिक की छात्रवृत्ति प्राप्त की है.

काफी गरीब परिवार से आता है प्रेम

प्रेम बिहार के महादलित मुसहर समुदाय से आता है. उसका परिवार बेहद गरीब है. कॉलेज जाने वाला वह अपने परिवार का पहला सदस्य है. लाफायेट कॉलेज से वह मैकेनिकल इंजीनियरिंग और अंतर्राष्ट्रीय संबंध की पढाई करेगा. चार वर्षों तक उसकी पढ़ाई और रहने खाने के पूरा खर्च कॉलेज वहन करेगा.