बिहार में एयरपोर्ट की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। दरभंगा एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद अब तक आधा दर्जन जिलों में एयरपोर्ट चालू होने की उम्मीद पक्की हुई है। इन नामों में पूर्णिया एयरपोर्ट का भी नाम जुड़ गया है। इस साल पूर्णिया एयरपोर्ट के चालू होने की उम्मीद है। एयरपोर्ट निर्माण की सबसे बड़ी बाधा जमीन अधिग्रहण का मामला सुलझ गया है। 45 रैयतों से 34 एकड़ जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है। इसको लेकर डीएम स्तर पर आदेश भी जारी कर दिया गया है।

डीएम राहुल कुमार ने सभी रैयतों के साथ बैठक की थी,जिसमें किसी ने आपत्ति नहीं जताई। अधिकारी के मुताबिक पूर्णिया सैन्य हवाई अड्डे पर सिविल इनक्लेव बनाया जाएगा। रनवे के समानांतर एक औ रनवे बनाया जाना है। इसके निर्माण को लेकर काम चल रहा है। जमीन हैंडओवर करने के बाद उड़ान शुरू होने की पूरी संभावना है। अभी रनवे बनाया जा रहा है। यह काम पूरा हो जाने के बाद सिविल इनक्लेव और टर्मिनल बिल्डिंग बनाई जाएगी। दरअसल, हाल में राज्यसभा में राजद सांसद मनोज झा ने पूर्णिया एयरपोर्ट निर्माण का मुद्दा उठाया था। इस पर पूर्णिया सांसद संतोष कुशवाहा ने एयरपोर्ट के जल्द शुरू कराए जाने की जानकारी दी थी।

सिविल इनक्लेव एवं टर्मिनल बनाने को 52 एकड़ जमीन की जरूरत
एयरपोर्ट परिसर में सिविल इनक्लेव और टर्मिनल बिल्डिंग बनाने के लिए 52 एकड़ जमीन की जरूरत है। इसमें से 17 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दी गई है। अब 34 एकड़ जमीन का और अधिग्रहण किया जाना है।

मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट से जल्द उड़ सकते हैं विमान
अब मुजफ्फरपुर एयरपोर्ट क्रियाशील होने वाला है। पटना हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस एयरपोर्ट को चालू करने की कवायद तेज हो गई है। पटना हाईकोर्ट के आदेश पर जिले के अपर समाहर्ता राजेश कुमार ने चार सदस्यीय एक कमेटी बनाई है। यह कमेटी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की वास्तविक जमीन को चिह्नित करेगी। कमेटी में जिला राजस्व प्रशाखा के एसडीसी सारंग पाणि पांडेय, मुशहरी, कुढ़नी एवं मड़वन के सीओ को शामिल किया गया है।

इनके सहयोग के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय के सहायक उमेश कुमार भी प्रतिनियुक्त किए गए हैं। बता दें गौरव कुमार सिंह ने पटना हाईकोर्ट में एयरपोर्ट को फंक्शनल बनाने के लिए याचिका दायर की थी। इस हाईकोर्ट ने कहा था कि सूबे में तीन ही एयरपोर्ट है-पटना, गया और दरभंगा। जबकि मुजफ्फरपुर, भागलपुर, फारबिसगंज, रक्सौल और मुंगेर एयरपोर्ट फंक्शनल नहीं है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इसका कारण पूछा था। विकास आयुक्त से एयपोर्ट को चालू करने की संभावनाओं की रिपोर्ट दो हफ्ते में मांगी है।