टेक्नोलॉजी के प्रसिद्ध जर्मनी को बिहार के जमालपुर का कारखाना टक्कर दे रहा है। मुंगेर स्थित जमालपुर रेल इंजन कारखाने में 140 टन का डीजल हाईड्रोलिक क्रेन बनाया गया है। इससे पहले जर्मनी में 140 टन का क्रेन बना था। जमालपुर रेल कारखाने द्वारा 140 टन का क्रेन बनाए जाने की जानकारी होने पर देश भर निजी कंपनियों द्वारा सप्लाई के लिए ऑर्डर दिए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट ने इसके लिए जमालपुर कारखाने के साथ करार किया है। पहली बार कोई निजी कंपनी जमालपुर कारखाने में बने क्रेन से काम लेगी। अगले महीने जमालपुर रेल कारखाने से भिलाई स्टील प्लांट में क्रेन जाएगा। दोनों संस्थानों के अधिकारियों की मौजूदगी में 25.1 करोड़ रुपए में क्रेन देने पपर करार हुआ। अब तक जमालपुर रेलखाना द्वारा सिर्फ रेलवे को 140 टन का क्रेन दिया जाता था।

बता दें जमालपुर रेल कारखाना में बनने वाले जैक का भी देश भर जबरदस्त मांग है। जमालपुर रेल कारखाना की ओर से अब तक रेलवे को 51 क्रेन दिया है। 1989 से 2021 तक क्रेन की डिलीवरी की गई है। इस कारखाने के क्रेन की खासियत है कि यह 90 डिग्री तापमान पर भी काम करता है। रेल दुर्घटनाओं के दौरान पटरी से उतरीं बोगियों को पटरी पर चढ़ाने या रेलवे ब्रिज एवं कंटेनर को उतारने और चढ़ाने के लिए इस क्रेन का इस्तेमाल किया जाता है।

फिलहाल जमालपुर में 140 टन भार उठाना वाला डीजल हाईड्रोलिक क्रेन बन रहा है। रेल इंजन कारखाना जमालपुर के कर्मियों ने पहली बार आईसीएफ कोच एवं एलएचबी कोच के लिए 35 टन यूनिवर्सल जैक बना लिया है।