चारा घोटाला के पांचवें और सबसे बड़े मामले में सीबीआई कोर्ट ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) को दोषी करार दिया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सीबीआई की विशेष अदालत ने लालू को दोषी करार दिया है। वहीं, चारा घोटाला मामले में 24 लोगों को बरी भी किया है। बता दें कि डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ की अवैध निकासी मामले में आज फैसला सुनाया गया है। इस मामले के मुख्य आरोपी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद सुप्रीमो लालू यादव हैं। इनके अतिरिक्त 100 से अधिक लोग भी घोटाले में शामिल हैं।

बता दें कि चारा घोटाला के इसी मामले में गाय, भैंस, सांड आदि मवेशी को स्कूटर और मोटरसाइकिल पर हरियाणा से लाने की डॉक्यूमेंट सीबीआई के वकील ने पेश की है। ऐसे में मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू को दोशी करार दिया है।

लालू यादव के वकील ने कही थी ये बात

हालांकि, इस संबंध में जब सोमवार को एबीपी ने लालू के वकील प्रभात कुमार से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि बाइक और स्कूटर से मवेशी लाने का मामला राज्य सरकार के पशुपालन विभाग का नहीं है। यह मामला केंद्र सरकार का है। उस वक्त केंद्र सरकार की योजना थी कि आदिवासियों को जीवन यापन के लिए मवेशी दी जाए। उसी में गड़बड़ी मामला सीबीआई ने पेश किया है। हालांकि,उस वक्त मुख्यमंत्री लालू यादव थे।

वकील ने कहा था कि भले ही चार केस में लालू यादव को सजा हो गई हो, लेकिन पांचवें में उम्मीद बनी हुई है। अगर लालू प्रसाद यादव को तीन साल से कम की सजा होती है, तो उन्हें बेल मिल सकता है।