पटना: बिहार की मौजूदा एनडीए सरकार (NDA Government) गिरने वाली है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। बिहार में बड़ा सियासी उथल-पुथल होगा। ये कहना है राष्टीय जनता दल (RJD) के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी (Mrityunjay Tiwari) का। आरजेडी नेता ने मंगलवार को एबीपी से बातचीत के दौरान ये दावा किया है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू (JDU) के एक दर्जन से भी ज्यादा विधायक तेजस्वी यादव के संपर्क में हैं। जेडीयू में कभी भी बड़ी टूट हो सकती है।

असुरक्षित महसूस कर रहे जेडीयू विधायक

मृत्युंजय ने कहा, ” तेजस्वी यादव बिहार के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। सरकार बनाने के लिए हम लोगों को ज्यादा विधायकों की जरूरत नहीं है। फिर भी एक दर्जन से ज्यादा जेडीयू विधायक हमारे संपर्क में हैं। बिहार में जल्द एनडीए सरकार गिरेगी। बीजेपी (BJP) लगातार बिहार में उन्माद फैला रही। विवादित मुद्दा उठा रही है. सीएम नीतीश पर हावी रहती है, इसलिए नीतीश के कई विधायक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और तेजस्वी के साथ आना चाहते हैं।”

इन कारणों से आरजेडी है उत्साहित 

आरजेडी नेता ने कहा, ” मध्य प्रदेश और कर्नाटक में जिस तरह बीजेपी ने तख्तापलट कर अपनी सरकार बनाई थी। अब वैसा ही आरजेडी बिहार में करेगी।” बता दें विधान परिषद चुनाव में आरजेडी के तीन भूमिहार उम्मीदवार जीत कर आए। वहीं, बोचहां जो भूमिहार बहुल इलाका था, वहां उपचुनाव में आरजेडी की बड़ी जीत हुई है। लगातार दो जीत के बाद से पार्टी नेता और कार्यकर्ता उत्साहित हैं। पटना में कई जगह पोस्टर लगाए गए हैं, जिसमें दिखाया गया है कि भूमिहार समाज आरजेडी के साथ है और तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाएगा।

जेडीयू नेता ने किया पलटवार

इधर, आरजेडी के दावे पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार (Neeraj Kumar) ने कहा कि जेडीयू का एक भी विधायक आरजेडी के संपर्क में नहीं। सुर्खियों में रहने के लिये आरजेडी के नेता अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। उनकी पार्टी बोचहां उपचुनाव जीत गई, इसलिए बयान दे रही कि एनडीए की सरकार गिरा देगी। लेकिन आरजेडी को ये याद रखना चाहिये कि बिहार में कुछ महीने पहले कुशेश्वरस्थान व तारापुर में विधानसभा उपचुनाव हुआ था और दोनों राजद हारी थी। लगातार 2005 से नीतीश आरजेडी को हरा रहे।

गौरतलब है कि बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों की जरूरत होती है। आरजेडी, कांग्रेस, वामदल मिलाकर 110 विधायक हैं। ओवैसी के पांच विधायक हैं। इनको मिलाकर 115 विधायक हो जाएंगे। तेजस्वी को 7 विधायकों की जरूरत रहेगी। मृत्युंजय तिवारी दावा कर रहे हैं कि जेडीयू के एक दर्जन से ज्यादा विधायक आरजेडी के संपर्क में हैं। अगर ऐसा हो गया तो वाकई सत्ता पलट हो सकती है।