पटना: राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के छोटे बेटे इंजीनियर अजीत सिंह (Jagdanand Singh Son Ajit Singh) ने जेडीयू का दामन थाम लिया है। अजीत सिंह को जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने पार्टी की सदस्यता दिलाई है। इस दौरान जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह भी मौजूद रहे। इस बीच, अजीत सिंह ने सीएम नीतीश कुमार के कार्यों की जमकर तारीफ की। जेडीयू की सदस्यता लेते ही अजीत सिंह ने आरजेडी और तेजस्वी यादव पर हमला किया है।

”आरजेडी राजनीतिक कार्यकर्ताओं की कब्रगाह बन गई है। आप पैसे लेकर आरजेडी में जाइए तो आपको चुनाव लड़ने के लिए पार्टी का टिकट मिल जाएगा, लेकिन आम कार्यकर्ता के लिए वहां कोई जगह नहीं है। एक समय में आरजेडी ने ही सवर्ण आरक्षण का विरोध किया था और अब तेजस्वी खुद A to Z यानी सभी जातियों की पार्टी बताते फिर रहे हैं।”- अजीत सिंह, नेता जेडीयू

JDU को बताया समाजवादियों की पार्टी:

इससे पहले 9 अप्रैल को जेडीयू में शामिल होने का ऐलान करते हुए अजीत सिंह ने कहा था कि वो बचपन से ही सीएम नीतीश कुमार के कामकाज को देख रहे हैं और उनसे काफी प्रभावित हैं। इसलिए बिना शर्त जेडीयू में शामिल हो रहे हैं। साथ ही कहा कि जेडीयू समाजवादियों की पार्टी है और मेरा मानना है कि मुझे आरजेडी से ज्यादा जेडीयू में सिखने का मौका मिलेगा। अजीत ने ये भी कहा था कि मेरे पिताजी जगदानंद सिंह ने मुझे राजनीतिक फैसला लेने की आजादी दी है। मेरे फैसले से उनके परिवार के रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

जगदानंद सिंह का परिवार:

बता दें कि आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के चार बेटे हैं। दिवाकर सिंह, डॉक्टर पुनीत कुमार सिंह, सुधाकर सिंह जो रामगढ़ से विधायक हैं और इंजीनियर अजित कुमार सिंह। अजीत सिंह तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने अंर्तजातीय विवाह किया था। जगदानंद सिंह ने अपने बड़े भाई और समाजवादी नेता सच्चिदानंद सिंह के खिलाफ चुनाव लड़कर ही राजनीति में अपनी पहचान बनाई थी। सच्चिदानंद सिंह उस समय के प्रभावशाली नेताओं में से एक थे।

2010 में बड़े बेटे ने की थी बगावत:

बता दें कि जगदानंद सिंह के छोटे बेटे से पहले बड़े बेटे सुधाकर भी बगावत कर चुके हैं। हालांकि अभी वो आरजेडी के रामगढ़ से विधायक हैं। जगदानंद सिंह के बड़े बेटे सुधाकर सिंह 2010 में बगावत कर चुके हैं।हालांकि उस समय आरजेडी के तरफ से टिकट देने पर सहमति भी बन गई थी। लेकिन जगदानंद सिंह तैयार नहीं हुए और सुधाकर सिंह को बीजेपी ने अपना उम्मीदवार बना लिया लेकिन चुनाव में जगदानंद सिंह ने अपने बेटे के खिलाफ जमकर प्रचार किए और सुधाकर चुनाव भी हार गए।

इन बड़े नेताओं के बेटे ने थामा जेडीयू का दामन: हालांकि, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है जब आरजेडी के किसी बड़े नेता के परिवार से कोई जेडीयू में गया हो।इससे पहले आरजेडी के वरिष्ठ दिवंगत नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बेटे सत्य प्रकाश भी अक्टूबर 2020 में जेडीयू में शामिल हुए थे। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ दिवंगत नेता सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद सिंह भी जेडीयू का दामन थाम चुके हैं।