बिहार विकास के पथ पर अग्रसर है. राज्य में चार इथेनॉल कंपनियों ने 450 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इन कंपनियों की उत्पादन इकाइयों में ट्रायल रन प्रगति में है. बता दें कि केंद्र सरकार पूरे देश में इथेनॉल मिश्रित ईधन से संचालित वाहनों को बढ़ावा देना चाहती है. इससे दो लाभ होंगे. पहला यह कि इथेनॉल से प्रदूषण कम होगा और दूसरा यह कि विदेशों से पेट्रोलियम के आयात की जरूरत कम हो. जानकारी के मुताबिक, सबसे अधिक 180 करोड़ रुपये का निवेश भोजपुर में हुआ है. बिहार डिस्टिलर्स एंड बाटलर्स प्राइवेट लिमिटेड ने दो सौ केएलपीडी क्षमता वाली यूनिट को तैयार कर लिया है. इसी तरह गोपालगंज के सिधवलिया में इथेनॉल यूनिट में 133.25 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है.

मगध शुगर एंड एनर्जी लिमिटेड ने गोपालगंज के सिधवलिया में 75 केएलपीडी क्षमता वाली यूनिट को तैयार कर लिया गया है. इसी तरह गोपालगंज में ही सोनासती आर्गेनिक्स ने राजपट्टी गांव में 40 करोड़ रुपये का निवेश कर 97.5 केएलपीडी क्षमता वाली यूनिट को तैयार कर लिया है. पूर्णिया के गणेशपुर में इस्टर्न इंडिया बायोफ्यूएल प्राइवेट लिमिटेड ने 96.76 करोड़ रुपये का निवेश कर 65 केएलपीडी क्षमता की यूनिट का निर्माण पूरा कर लिया है.

इन इथेनॉल कंपनियों के अतिरिक्त 17 अन्य इथेनॉल यूनिट ने निर्माण कार्य आरंभ किया है. इनमें पटेल एग्रो इंडस्ट्रीज , नालंदा, भारत ऊर्जा डिस्टलरीज, मुजफ्फरपुर, आदित्री एग्रोटेक, मधुबनी, मुजफ्फरपुर बायोफ्यूएल्स, मुजफ्फरपुर, भारत प्लस एथनाल इंडिया, बक्सर, ब्रजेंज्र कुमार बिल्डर्स, पटना, चंद्रिका पावर, नालंदा, माइक्रोमैक्स बायोफ्यूएल्स, मुजफ्फरपुर, न्यू वे होम्स एथनाल, भागलपुर व वीनस विधान एग्रोटेक मधुबनी शामिल हैं.

आरा में खुलेगा सॉफ्ट ड्रिंक फैक्ट्री
मिली जानकारी के अनुसार राज्य सरकार आरा में सॉफ्ट ड्रिंक फैक्ट्री खोलने के लिए 278 करोड़ 85 लाख और बरौनी में इथेनॉल फैक्ट्री के 168 करोड़ 42 लाख का निवेश करेगी, ताकि इन दोनों इलाकों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर मिल सके. बताया जाता है कि बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली 2016 के तहत इन दोनों निवेश के लिए मंजूरी मिली है.