रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की शुरुआत के बाद वहां रह रहे भारतीयों के देश वापसी का सिलसिला जारी है. खासकर वैसे बच्चे जो डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए विदेश गए थे, वो वापस अपने घर लौट रहे हैं. इन बच्चों में बिहार के बच्चे भी शामिल हैं, जो घर लौट रहे हैं और यूक्रेन की डराने वाली स्थिति बता रहे हैं. इसी क्रम में प्रदेश के सहरसा जिला के बस्ती निवासी मीर आलम की बेटी अताखा खुर्शीद सोमवार को ही देर रात अपने घर पहुंची. 

घर पहुंची छात्रा ने बताया कि जब 24 फरवरी को रूस ने यूक्रेन पर हमला किया तो उस दिन उन लोगों का एग्जाम था. वे एग्जाम देने भी गए, लेकिन रूस द्वारा लगातार यूक्रेन पर हमला किया जा रहा था. वे किसी तरह जान बचाकर बंकर में छिपे हुए थे. इधर, उनके माता-पिता काफी परेशान थे. छात्रा ने बताया कि उसके पास पैसे भी नहीं थे. ऐसे में वो सीनियर से उधार लेकर किसी तरह हंगरी पहुंची, जहां से भारत सरकार द्वारा उन्हें वापस लाया गया.

छात्रा ने बताया कि यूक्रेन की स्थिति काफी खराब है. वहां अब भी कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं. अब तक तीन छात्रों की मृत्यु भूख और पानी नहीं मिलने के कारण हो गई है. ऐसे में हम भारत सरकार के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हम लोगों को सुरक्षित अपने घर तक पहुंचा दिया. लेकिन हम ये चाहते हैं कि जो भी भारतीय छात्र वहां फंसे हुए हैं, उन्हें मुल्क वापस लाया जाए.