आजकल की भागती-दौड़ती जिंदगी में स्कूल के समय से ही बच्चों पर हमेशा ही अच्छा करने का दबाव बना रहता है,और स्कूल के परिणाम मां-बाप की उम्मीदों के अनुरूप नहीं आए, तो सारा ‘ठीकरा’ बच्चों पर ही फोड़ दिया जाता है, अक्सर उन्हें कहा जाता है कि अब यह आगे कुछ नहीं कर सकता है। अगर आप भी यही सोचते हैं, तो यह खबर जरूर पढ़िए। एक छात्र जिसकी दसवीं के परिणाम देखकर सबने कह दिया था कि अब इससे कुछ नहीं हो सकता है। आज वह व्यक्ति भरूच का कलेक्टर हैं।

छात्र जिसने 10वीं क्लास में औसत नंबर प्राप्त किया हो, उससे आगे आप क्या उम्मीद कर सकते हैं ? उसके दोस्तों और आसपास के रहने वाले लोगों ने कह दिया था कि यह लड़का कुछ अच्छा नहीं कर सकता है। गांववालों ने भी यही कहा। आज उसकी कहानी के बारे में छत्तीसगढ़ कैडर के एक आईएएस अवनीश शरण ने ट्वीट किया है।

अवनीश शरण ने अपने ट्वीट में लिखा है कि तुषार सुमेरा को दसवीं में सिर्फ पासिंग मार्क्स आए थे। उन्होंने आगे लिखा, ‘उनके 100 में अंग्रेजी में 35, गणित में 36 और विज्ञान में 38 नंबर आए थे। ना सिर्फ पूरे गांव में बल्कि उस स्कूल में यह कहा गया कि यह कुछ नहीं कर सकते।’ तुषार ने ‘थैंक्यू’ कहकर अवनीश शरण के ट्वीट का जवाब दिया है।

तुषार डी सुमेरा अभी गुजरात के भरूच में कलेक्टर पद पर तैनात हैं। उन्होंने 2012 में यूपीएससी की परीक्षा पास की थी। खुद पीएम मोदी ने भी ‘उत्कर्ष’ पहल अभियान के तहत सुमेरा की तारीफ की थी।

तुषार ने मैट्रिक के बाद इंटर आर्ट्स से किया। उसके बाद स्नातक की डिग्री लेकर बीएड किया था। टीचर की नौकरी करने के दौरान भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। आखिरकार उनकी लगन और मेहनत रंग लाई और वह आईएएस बन गए।