पलवल. हरियाणा के पलवल जिले के सिहौल गांव निवासी बस ड्राइवर की बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा में 524 रैंक हासिल करने का दावा किया था। लेकिन बुधवार को छात्रा निधि गहलौत ने कहा कि उससे भूलवश गलत रोल नंबर देख लिया था, जिसका यूपीएससी में चयन हुआ है, उस छात्रा का नाम निधि है, लेकिन वह सोनीपत के गांव जागसी की रहने वाली है। जिसके पिता का नाम बलवान सिंह है।

छात्रा ने कहा कि उसका नाम भी निधि है और पानीपत वाली छात्रा का नाम भी निधी है। उसका रोल नंबर 822045 है और सोनीपत वाली निधि का रोल नंबर 821045 है। पलवल की छात्रा निधि गहलौत ने कहा कि उससे गलती हुई है, रोल नंबर पूरा नहीं देखा, बस उसने रोल नंबर के अंत में 45 देखा और नाम निधि देखा तो उसने समझा की उसकी यूपीएससी में 524 रैंक है और सभी परिजनों व रिस्तेदारों को बता दिया। जिसके बाद यह बात पूरे जिले में आग की तरह फैल गई। लेकिन उसने सोनीपत वाली निधि से वाट्सअप पर माफी मांगते हुए लिखा है कि बहन उससे गलती हुई है, आपको बहुत बधाई, यह आपका ही नाम और नंबर है।

निधि के पिता सत्य प्रकाश एक निजी बस के चालक हैं। बस चला कर वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। निधि की माता सुनीता घर पर रहकर घर संभालती हैं और उनका एक छोटा भाई है जो एक निजी कंपनी में काम करता है।

बता दें की पलवल की रहने वाली निधि ने वर्ष 2009 में अपनी दसवीं की परीक्षा पास की। जिसके बाद उन्होंने 12वीं कक्षा में पढ़ाई करने की जगह उटावड़ पॉलिटेक्निकल कॉलेज में सिविल से डिप्लोमा में पढ़ाई शुरू की और वर्ष 2013 में अपना डिप्लोमा पूरा किया। डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने बीटेक सिविल में एडमिशन लिया वर्ष 2017 में सिविल से बीटेक की पढ़ाई पूरी। वर्ष 2020 में उन्होंने वाईएमसीए यूनिवर्सिटी से अपनी सिविल से एमटेक की पढ़ाई पूरी की और उन्होंने एमटेक के रिजल्ट में यूनिवर्सिटी को टॉप किया।