पटना एयरपोर्ट पर रनवे के समानांतर एक टैक्सी ट्रैक बनाया जाएगा। इसके बनने से विमानों के उतरने और उड़ान भरने की प्रक्रिया आसान और सुरक्षित हो जाएगी। परिसर में अभी एक विमान के उतरने और पार्किंग एरिया तक पहुंचने के दौरान रनवे पर किसी भी विमान का उतरना और उड़ान भरना मुश्किल होता है। समानांतर ट्रैक बनने से कोई भी विमान रनवे पर उतरने के बाद कुछ दूरी पर एक लेन के जरिये समानांतर बने टैक्सी ट्रैक पर आ जाएगा।

पांच मिनट बचेगा

पटना एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक के बनने से एक विमान का पांच मिनट समय बचेगा। साथ ही सेफ्टी की स्थिति में और बढ़ोतरी होगी। विमानों को रनवे से टैक्सी ट्रैक तक ले जाने के लिए तकनीक आधारित निर्देशों का सहारा लिया जाएगा। इससे पार्किंग वे से लेकर रनवे तक विमानों के आने-जाने की प्रक्रिया सरल होगी। रनवे के विस्तार और समानांतर ट्रैक के निर्माण के लिये अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पर भी बात चल रही है।

नये टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण से बनेगी जगह

पटना एयरपोर्ट पर सालाना 80 लाख यात्री क्षमता की नयी टर्मिनल बिल्डिंग बन रही है। इसके निर्माण के बाद वर्तमान टर्मिनल बिल्डिंग को तोड़ दिया जाएगा। इससे परिसर में अतिरिक्त जगह बनेगी। इसके अलावा मौजूदा टर्मिनल बिल्डिंग की जगह ही एरोब्रिज बनाया जाएगा। अभी पटना एयरपोर्ट पर एक भी एरोब्रिज नहीं है। इसके बनने से यात्रियों के समय की बचत होगी। साथ ही विमानों में बोर्डिंग या डीबोर्डिंग के दौरान भी आसानी होगी।

ये होंगे फायदे

-विमानों के उतरने व उड़ान भरने में समय की बचत होगी

– इस समय का उपयोग नई उड़ानों की शुरुआत करने में हो सकेगा

– रनवे के आसपास संरक्षा बढ़ेगी, विमानन कंपनियों का ईंधन भी बचेगा

पटना एयरपोर्ट के रनवे के सामानांतर एक टैक्सी ट्रैक बनाने की योजना है। इससे विमानों के उड़ान भरने और उतरने की प्रक्रिया में समय की बचत होगी। साथ ही सेफ्टी भी बढ़ेगी। इस बचे समय का उपयोग नई उड़ानों की शुरुआत करने में किया जा सकेगा।