जयपुर : हाल ही में आये सिविल सेवा परीक्षा 2021 के रिजल्ट में टॉप-50 में हिंदी माध्यम से 2 जनों का चयन हुआ है 2014 में हिंदी माध्यम से 13वीं रैंक पास कर IAS बने जालोर कलेक्टर निशांत जैन ने बताया कि 10 साल के अंतराल के बाद 2015 में उनका हिंदी माध्यम से 13 वीं रैंक के साथ चयन हुआ था। तब हिंदी को लेकर उत्साह बढ़ा लेकिन 2016 में कुछ लोगों का चयन होने के बाद वापस हिंदी माध्यम से तैयारी करने वालों को सफलता कम मिल रही थी। ऐसे में माहौल बन गया कि IAS बनना है तो अंग्रेजी माध्यम अनिवार्य है लेकिन इस बार 2 IAS बने हैं।

निशांत जैन का 2014 में 13वीं रैंक से चयन हुआ था जैन से पहले 10 साल तक कोई टॉप-50 में नहीं रहा उससे पहले किरण कौसल की तीसरी रैंक आई थी, जो सबसे ऊपर है। 2011 से नए पैटर्न आने के बाद अब तक निशांत जैन 13 वीं रैंक के साथ टॉप रहे थे। हिंदी में तैयारी के लिए सामग्री बहुत कम होती है और वो भी काम की कम होती है अंग्रेजी में तैयारी करने वालों के साथ ऐसा नहीं होता।

प्रदेश के होनहारों में सीकर के नीमकाथाना स्थित कोटड़ा निवासी प्रीतम कुमार जाखड़ ने 9वीं रैंक हासिल की है श्रीगंगानगर की श्रीबिजयनगर तहसील के रवि सिहाग को 18 वीं और जयपुर के जयसिंहपुरा स्थित सूरजपुरा निवासी सुनील धनवंता को 22वीं व रैंक मिली है, ये दोनों हिंदी मीडियम से हैं वहीं, अलवर के मुकुल जैन 59वीं रैंक पर रहे हैं।

सुनील धनवंता हैदराबाद पुलिस एकेडमी में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रहे हैं 2018 में चयन के बाद भी लगातार 4 बार परीक्षा दी और हर बार सफल रहे। दो माह पूर्व ही सुनील की शादी हुई है। पत्नी नीता धवल भारतीय विदेश सेवा के तहत दिल्ली विदेश मंत्रालय में अवर सचिव हैं सुनील कहते हैं, युवा किसी भी भटकाव में न आएं, मेहनत करते रहें।

रवि सिहाग इंडियन डिफेंस अकाउंट सर्विस में उप वित्तीय सलाहकार हैं रेलवे प्रोटेक्शन सर्विस में चयन के बाद लखनऊ में ट्रेनिंग ले रहे हैं पिता रामकुमार किसान और माता विमला 8 वीं पास हैं। रवि की प्रारंभिक शिक्षा गांव 3 डीएएम के सरकारी स्कूल में हुई उच्च शिक्षा तक सारी पढ़ाई हिंदी माध्यम से की।  2018 में 337 वीं रैंक मिलने पर इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में चयन हुआ लेकिन ज्वाइन नहीं किया और फिर 2019 में 317 वीं रैंक मिली, अब तीसरे प्रयास में 18 वीं रैंक मिली।