पटना. बिहार में शराबबंदी कानून लागू है. इसको लेकर नीतीश सरकार अक्‍सर ही विपक्षियों के निशाने पर रहे हैं। इसी क्रम में अब लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने शराबबंदी के बहाने मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। अपने बयान और गतिविधियों को लेकर अक्‍सर ही सुर्खियों में रहने वाले तेज प्रताप यादव ने गुटका रजनीगंधा-तुलसी के इस्‍तेमाल पर पाबंदी लगाने की मांग की है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि दारूबंदी बहुत हुई, रजनीगंधा और तुलसी पर भी बैन लगाइए। तेज प्रताप यादव मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार हमलावर रहे हैं। महागठबंधन की सरकार गिरने के बाद से ही लालू परिवार नीतीश कुमार पर जब-तब जुबानी हमले करता रहा है।

तेज प्रताप यादव ने ट्वीट कर सीएम नीतीश पर हमला बोला है। तेज प्रताप ने ट्वीट किया, ‘नीतीश चचा जी ये दारूबंदी बहुत हुई…अब जरा रजनीगंधा-तुलसी भी बंद करवाएं..कहीं आप भी ‘मुंह में रजनीगंधा और कदमों में दुनिया’ वाली बात पर तो यकीन नहीं कर रहे हैं। मुहिम- बंद करो रजनीगंधा तुलसी।’ बता दें कि जहरीली शराब पीने से जब लोगों की मौत हुई थी तो तेज प्रताप यादव ने नीतीश सरकार पर करारा हमला बोला था। तेज प्रताप यादव ने कहा था कि बिहार में संपूर्ण शराबबंदी कहां है? राज्य की सीमा पर प्रशासन शराब में लिप्त है। प्रशासन के लोग, सिपाही, हवलदार सभी जगह शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं। उन्‍होंने आरोप लगाया था कि जिस तरह पिज्जा की होम डिलीवरी होती है, उसी तरह से IPS-IAS घरों में शराब की होम डिलीवरी कर रहे हैं।

6 साल पहले लागू हुई थी शराबबंदी बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराबबंदी कानून लागू किया था। शराब पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी प्रदेश में जहरीली शराब पीने से मरने वाली घटनाओं में कमी नहीं आई है। विभिन्न शराब त्रासदियों में लगभग 150 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में शराबबंदी कानून वापस लेने को लेकर लगातार उठती रही है, लेकिन सरकार का रुख पहले की ही तरह है।

नीतीश की एंट्री’

लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर नीतीश की एंट्री की बात कहकर सियासत गरमा दी है। रामनवमी के मौके पर लालू के बड़े लाल तेजप्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए लिखा कि रामनवमी के मौके पर बहुत जरूरी, ENTRY, नीतीश चाचा। प्रदेश के सियासी गलियारों में इसको लेकर तरह-तरह के अनुमान लगाए जाने लगे हैं।