पटना: राजनीतिक दृष्टिकोण से बिहार विधान मंडल परिसर में गुरुवार को एक अत्यंत ही सुखद नजारा देखने को मिला। दलगत राजनीति के चलते ऐसे नजारे कम ही देखने को मिलते हैं जिसका गवाह एक बार फिर बिहार विधान मंडल परिसर बना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव (Leader of Opposition Tejashwi Yadav) और भाजपा के सांसदों-वि‍धायकों के बीच जो कुछ हुआ, इससे कार्यक्रम को अति सफल माना ही जा सकता है। साथ ही इसे स्वस्थ्य दलगत राजनीति का उदाहरण भी कहा जा सकता है।

गुरुवार को बिहार विधान मंडल में विधायकों और विधान पार्षदों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें शामिल होने के लिए लोकसभा के स्‍पीकर ओम बिड़ला (Lok Sabha Speaker Om Birla) आए थे। इस दौरान तेजस्‍वी यादव और भाजपा नेताओं के बीच गपशप की बहुत शानदार तस्‍वीरें सामने आईं। कार्यक्रम के बाद जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव बाहर निकले तो कई विधायकों ने उन्‍हें घेर लिया। इनमें भाजपा के विधायक भी थे। इस दौरान तेजस्‍वी यादव ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद (BJP MP Ravi Shankar Prasad) के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया।

इसी बीच बिहार विधानमंडल परिसर में भाजपा विधायक संजय सरावगी ने तेजस्‍वी यादव को रोक कर उन्‍हें शादी के लिए बधाई दी और भोज वाली बात याद दिलाई। आपको बता दें कि तेजस्‍वी यादव ने दिसंबर महीने के दूसरे हफ्ते में दिल्‍ली में एलेक्सिल रेचल गोडिन्‍हो उर्फ राजश्री यादव से शादी की थी। शादी के बाद तेजस्‍वी अपनी दुल्‍हन के साथ पटना आए थे। यहां उन्‍होंने कहा था कि वे बिहार के लोगों को भी शादी के लिए भोज देंगे।

उम्‍मीद जताई जा रही थी कि 14 जनवरी यानी खरमास के बाद इस भोज का आयोजन होगा। हालांकि तब तक कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के चलते कई तरह की पाबंदियां लागू हो गईं। बहरहाल, तेजस्‍वी यादव को जब भाजपा विधायकों ने बिहार विधानसभा परिसर में घेरा तो वे बहुत खुशमिजाज नजर आए। उन्‍होंने हंसते हुए विधायकों से कहा कि भोज जरूर देंगे। विधान मंडल में सत्र के दौरान आमतौर पर सत्ता और विपक्ष के प्रतिनिधियों के बीच माहौल गर्म और तल्‍ख रहता है। कई बार तल्‍खी प्रदर्शित करने की कोशिश में माहौल काफी बिगड़ जाता है। संसदीय मर्यादा पर भी असर पड़ता है। लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिड़ला ने गुरुवार को बिहार विधानमंडल के सदस्‍यों के साथ प्रबोधन कार्यक्रम में यह विषय उठाया था। उन्होंने संसदीय मर्यादा का पाठ पढ़ाया।