पटना. राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा रविवार को आयोजित सिविल सेवा (प्रारंभिक) की परीक्षा का प्रश्न पत्र ‘लीक’ (BPSC PT Paper Leak) होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि आयोग का नाम बदलकर ‘लीक आयोग’ कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने नीतीश सरकार से उन अभ्यर्थियों को मुआवजा देने की मांग की जो लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने पहुंचे थे।

तेजस्वी यादव ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि बीपीएससी (BPSC) में गड़बड़ी हुई है, यह कोई अच्छी खबर नहीं है। इसके बाद कुछ भी कहने को बचा नहीं है।अब समय आ गया है कि लोक सेवा आयोग का नाम बदलकर ‘लीक आयोग’ कर दिया जाए। परीक्षाएं शायद ही समय पर होती हैं और जब यह आयोजित कराई जाती हैं, तो और देरी अनियमितताओं के नाम पर होती हैं।

उन्होंने दावा किया कि जब भी विधानसभा का सत्र होता है, वो बीपीएससी के कामकाज की शैली का मुद्दा उठाते हैं। उन्होंने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र अपने गृहनगर से दूर था और जिन्हें सबसे अधिक परेशानी हुई, उन्हें पांच हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। तेजस्वी यादव ने पूरे मामले की तेजी से जांच कर दोषियों को पकड़े जाने की मांग की।

BPSC PT प्रश्न पत्र लीक होने के बाद रद्द कर दी गई थी परीक्षा

बता दें कि रविवार को बिहार में बीपीएससी की 67वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (पीटी की परीक्षा) के प्रश्न पत्र लीक होने के बाद आयोग के द्वारा यह परीक्षा रद्द कर दी गई थी। रविवार को परीक्षा शुरू होने से लगभग एक घंटे पहले सोशल मीडिया (टेलीग्राम और कई व्हाट्सएप ग्रुप) में बीपीएससी का प्रश्न पत्र वायरल होने लगा था। परीक्षा खत्म होने के बाद वायरल प्रश्न पत्रों से परीक्षा में आए सवालों का मिलान किया गया तो वायरल प्रश्न पत्र मैच कर गये। इसके बाद कई जगहों पर अभ्यर्थियों ने पेपर लीक को लेकर हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया था।