बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी वर्ष समारोह में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्‍वागत किया. और सीएम नीतीश कुमार की जमकर तारीफ की. साथ ही तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री से जननायक कर्पूरी ठाकुर के लिए भारत रत्‍न की मांग की. तेजस्वी ने कहा कि हमारे राज्य के वैशाली से ही लोकतंत्र बाकी जगहों पर प्रसारित हुआ. अतः मैं आपसे आग्रह करता हूं कि School of Democracy & Legislative Studies जैसी एक संस्था बिहार में स्थापित हो. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी स्मृति स्तंभ का अनावरण किया. इस दौरान कल्पतरु का पौधा लगाकर शताब्दी स्मृति उद्यान की नींव रखी.

तेजस्वी यादव के संबोधन की मुख्य बातें:-

1.बिहार लोकतंत्र की जननी है अतः यहां से एक संदेश पूरे देश में जाना चाहिए. हम अलग-अलग दलों से इस विधानमंडल में है लेकिन हमारी वैचारिक प्रतिस्पर्धा राजनीतिक शत्रुता में नहीं बदलनी चाहिए.

2.समाज के हर वर्ग की आबादी के अनुसार भागीदारी और हिस्सेदारी से ही लोकतंत्र समृद्ध और समावेशी होगा.

3.प्रधानमंत्री जी…जैसा मैंने पहले कहा कि हमारे राज्य के वैशाली से ही लोकतंत्र बाकी जगहों पर प्रसारित हुआ। अतः मैं आपसे आग्रह करता हूं कि School of Democracy & Legislative Studies जैसी एक संस्था बिहार में स्थापित हो. जिसके माध्यम से विधायी और लोकतंत्र के विभिन्न पहलुओं पर शोध एवं अध्ययन के अवसर और प्रशिक्षण दिया जा सके. पूरे देश के जनप्रतिनिधियों, युवाओं और संबंधित कर्मचारियों को इससे लाभ मिलेगा. आशा है आप हमारी इस मांग पर गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे.

4.आदरणीय प्रधानमंत्री जी, आपने Deserving और विशेषज्ञ व्यक्तियों को पद्मश्री पद्म विभूषण इत्यादि सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार देने की एक स्वस्थ एवं सकारात्मक परंपरा स्थापित की है. इसी प्रांगण में हम जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की आदमक़द प्रतिमा के बगल में बैठे हैं. हमारी मांग है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को भारत रत्न देकर इस शताब्दी वर्ष समारोह एवं देश के किसी भी प्रधानमंत्री के बिहार विधानसभा प्रांगण में प्रथम आगमन को और अधिक यादगार बनाने की कृप्या करें. यहां उपस्थित हरेक माननीय सदस्य की यह हार्दिक इच्छा है कि जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को अवश्य ही भारत रत्न मिलना चाहिए.

5.लोकतंत्र के समक्ष कई चुनौतियां हैं लेकिन हम सामूहिक प्रयास और संकल्प से जनतंत्र को धनतंत्र और छलतंत्र से बचा सकते हैं. हमारे पुरखों ने हमें लोकतंत्र की समृद्ध विरासत सौंपी. आवश्यकता है कि हम सब मिलकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करें. विधानसभा के शताब्दी वर्ष में यही चुनौती भी है और अवसर भी.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पटना में बिहार विधानसभा भवन के शताब्दी स्मृति स्तंभ का अनावरण किया. इस दौरान कल्पतरु का पौधा लगाकर शताब्दी स्मृति उद्यान की नींव रखी. पीएम ने शताब्दी स्मृति उद्यान में कल्पतरु का पौधा लगाया. इसके बाद प्रधानमंत्री विधानसभा संग्रहालय और अतिथिशाला की आधारशिला भी रखी. इसके बाद मंच पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंट किया. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना एयरपोर्ट पहुंचे. जहां राज्‍यपाल फागू चौहान एवं मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई मंत्रियों ने उनका स्‍वागत किया.