यूक्रेन में फंसे बिहार के छात्र लगातार पटना एयरपोर्ट पर पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी पटना एयरपोर्ट पर विभिन्न विभागों से 117 बच्चे पहुंचे हैं. भारी संख्या में परिजन भी अपने बच्चों को लेने पहुंचे. एयरपोर्ट पर परिजन अपने बच्चों से मिलकर काफी भावुक नजर आए. पटना एयरपोर्ट पर कीव शहर में रहने वाले शिवहर के आतिफ अहमद ने कहा कि स्थिति बहुत खराब है, जिस मेडिकल कॉलेज में हम पढ़ते थे उस बिल्डिंग को भी बम से उड़ा दिया गया.

किसी तरह हम लोग ट्रेन पकड़ कर पोलैंड के बॉर्डर तक पहुंचे हैं. वहां आने के बाद ही भारत सरकार का सहयोग हमें मिला है. भारतीय दूतावास ने हमें अच्छी मदद की है. निश्चित तौर पर इसको लेकर भारतीय दूतावास और भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं. वहीं, यूक्रेन से पहुंचे नालंदा के रहने वाले मोहम्मद कदाव अली ने बताया कि यात्रा काफी एडवेंचरस रहा है. किसी तरह हम लोग जान बचाकर यहां पहुंचे हैं. बॉर्डर के बाद भारतीय दूतावास की हमें काफी सहायता मिली है और इसको लेकर भारत सरकार को हम धन्यवाद देते हैं.

वहीं, सासाराम के रहने वाले अभिषेक शर्मा भी यूक्रेन से पहुंचे. उन्होंने बताया कि हम खारकीव शहर में रहते थे, वहां की स्थिति लगातार खराब होती चली जा रही थी. कई बिल्डिंग बम से उड़ा दी गई थी. किसी तरह हम लोग रोमानिया बॉर्डर पहुंचे. उसके बाद भारत सरकार का सहयोग मिलना शुरू हो गया. खाना-पीना से लेकर रहने तक की व्यवस्था भारत सरकार ने की थी. इसको लेकर भारत सरकार को धन्यवाद देते हैं.