राजधानी पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बिहार का सबसे हवाई व्यस्ततम अड्डा है।आज के दिनों में यहां से प्रतिदिन 110 विमानों का परिचालन हो रहा है। लेकिन मानक के अनुसार यहां का एयरपोर्ट नहीं है जिस वजह से यहां बड़े विमानों को उतरने में परेशानी होती है। पटना एयरपोर्ट के निदेशक ने हाईकोर्ट में बताया कि एयरपोर्ट हवाई जहाज की लैंडिंग की काफी समस्या है। सामान्य रूप से की लंबाई 9000 फुट होती है जो पूर्णिया और दरभंगा में उपलब्ध है जबकि पटना में रनवे की लंबाई सिर्फ 6800 फुट है।

वर्तमान में पटना एयरपोर्ट पर सबसे अधिक समस्या रनवे की लंबाई को लेकर ही है। निदेशक ने जानकारी देते हुए कहा कि रनवे की लंबाई बढ़ाने के लिए जल्द सर्विस शुरू होगा। यह जानकारी उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को गौरव सिंह समेत अन्य द्वारा राज्य के एयरपोर्ट के विकास के लिए दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दी।

गया और पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर कही ये बात

कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता को जानकारी देने को कहा है कि बिहार के सटे राज्य झारखंड, बंगाल उत्तर प्रदेश, उड़ीसा सहित उत्तर पूर्व के राज्यों में कितने एयरपोर्ट है और उनकी क्या स्थिति है। निवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य के गया, पूर्णिया अन्य एयरपोर्ट के विस्तार और विकास के लिए किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण संबंधी समस्याओं के बारे में बताया गया। कोर्ट ने महाधिवक्ता से कहा कि गया एयरपोर्ट के विस्तार के लिए किए जाने वाले भूमि अधिग्रहण हेतु 268 करोड रुपए कोर्ट में जमा करा दें। सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद उनका निबटारा होगा।