पटना के मूल निवासी हैं। रूस में मेडिकल की पढ़ाई करने गए थे। वहां से एमबीबीएस करके पटना लौटे। कुछ समय मरीजों का इलाज किया। फिर मन नहीं लगा तो रूस लौट गए। वहां दवाइयों का व्यापार किया। व्यापार बढ़ा और कमाई होने लगी। फिर कई और बिजनेस भी करने लगे। समाज के प्रतिष्ठित लोगों से मेलजोल बढ़ा। नेताओं के भी करीबी हुए और एक दिन चुनाव लड़कर विधायक बन गए। ये कहानी बिहार के सपूत अभय सिंह की है। वो रूस के कुर्स्क में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की ‘यूनाइटेड रशिया पार्टी’ के विधायक हैं। सिर्फ यही उनकी पहचान नहीं है। वो भारत और रूस की दोस्ती को मजबूत करने का काम करते हैं।

साल 2018 में पुतिन की पार्टी से विधायक बनने वाले अभय सिंह के मुताबिक वो 1990 के दशक में रूस पहुंचे थे। वहां पढ़ाई और बिजनेस करने के बाद अब बहुत सारा कारोबार करते हैं। कुर्स्क में रूसी लोगों के बीच वो काफी नामचीन हैं। अभय के मुताबिक रूस में उन्हें लगता था कि लोग अपनाएंगे या नहीं, लेकिन वहां के लोगों ने न सिर्फ अपनाया, बल्कि जब वो कुर्स्क की विधानसभा में कुछ बोलने के लिए खड़े होते हैं, तो सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के लोग भी ध्यान से उनकी बात सुनते हैं। अभय ने बिहार से रूस पहुंचकर जो मुकाम हासिल किया है, उसकी तारीफ हर तरफ होती है।

अभय के कारोबार में कुर्स्क में एक मॉल भी है। ये कुर्स्क का सबसे बड़ा मॉल है। पुतिन के साथ अपने रिश्तों के बारे में वो ज्यादा कुछ नहीं कहते, लेकिन खुद हैरत जताते हैं कि एक दूसरे मुल्क से आए हिंदीभाषी शख्स पर पुतिन ने भरोसा जताया और उन्हें टिकट दिया। अभय के मुताबिक सोवियत संघ के दिनों से ही भारत के साथ जो रिश्ते थे, वे वैसे ही हैं। रूस के लोग अब भी ‘हिंदी-रूसी भाई-भाई’ का नारा लगाते हैं। आज भी रूस में हिंदी फिल्मों के पुराने गीतों के अलावा नए गीत भी लोग खूब गाते हैं। अभय ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि यूक्रेन संकट में फंसे भारतीयों की हर हाल में रूस रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में किसी को शंका नहीं होनी चाहिए और खुद वो रूस के केंद्रीय नेतृत्व से इस मसले पर संपर्क साधे हुए हैं।